
भुवनेश्वर : पुरुष हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) 2025–26 में एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा, जहां लीग चरण में शीर्ष पर रहने वाली कलिंगा लांसर्स टीम 23 जनवरी को यहां कलिंगा हॉकी स्टेडियम में क्वालिफायर-1 में दूसरे स्थान पर रही रांची रॉयल्स से भिड़ेगी। इस मुकाबले के विजेता को सीधे फाइनल में प्रवेश मिलेगा।
कलिंगा लांसर्स ने लीग चरण 16 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि रांची रॉयल्स ने 12 अंकों के साथ दूसरा स्थान पाया, जिससे दोनों मजबूत टीमों के बीच यह बहुप्रतीक्षित नॉकआउट मुकाबला तय हुआ।
भुवनेश्वर की लांसर्स टीम ने लीग में शानदार प्रदर्शन किया और सात मैचों में सिर्फ एक हार का सामना किया। टीम ने नियमित समय में चार जीत दर्ज कीं, जबकि दो मुकाबले शूटआउट के जरिए जीते। बोनस अंक प्रणाली का उन्होंने बेहतर तरीके से फायदा उठाया। रक्षात्मक मोर्चे पर भी टीम बेहद मजबूत रही और उसने केवल आठ गोल ही खाए।
बेल्जियम के ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स लांसर्स की पेनल्टी-कॉर्नर रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने सेट-पीस से आठ गोल कर टीम के लिए सबसे अधिक गोल किए। कुल मिलाकर, टूर्नामेंट में लांसर्स की पेनल्टी-कॉर्नर कन्वर्ज़न दर 28.1 प्रतिशत रही, जो दबाव के क्षणों में उनकी प्रभावशीलता को दर्शाती है।
आने वाले मुकाबले को लेकर लांसर्स के कप्तान आर्थर वैन डोरेन ने कहा कि टीम सही समय पर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर पहुंचने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि लीग में पहला स्थान हासिल करना निरंतर मेहनत का नतीजा है, लेकिन काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने रांची की आक्रामक क्षमता को स्वीकार करते हुए कहा कि टीम को अपनी मजबूत रक्षा और सेट-पीस पर पूरा भरोसा है, साथ ही घरेलू मैदान पर खेलने से अतिरिक्त प्रेरणा मिलेगी।
रांची रॉयल्स ने पूरे सत्र में आक्रामक खेल की रणनीति अपनाई और लीग चरण में सबसे ज्यादा 25 गोल दागे। टीम की आक्रमण पंक्ति की अगुवाई कप्तान टॉम बून कर रहे हैं, जो 15 गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर हैं।
बून ने पांच फील्ड गोल, आठ पेनल्टी-कॉर्नर और दो पेनल्टी-स्ट्रोक से गोल किए हैं, जो आक्रमण में उनके सर्वांगीण प्रभाव को दर्शाता है। लीग चरण में रांची ने नियमित समय में तीन मुकाबले जीते और एक शूटआउट में जीत दर्ज की, जबकि दो मैच नियमित समय में और एक शूटआउट में हारे।
महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले बून ने कहा कि क्वालिफायर-1 वही मैच है जिसके लिए खिलाड़ी पूरे सत्र तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि लांसर्स जैसी अनुशासित टीम के खिलाफ सटीकता और संयम निर्णायक होंगे और टीम को अपने खेल ढांचे और खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है।
लीग चरण में चेन्नई में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबले से लांसर्स को आत्मविश्वास मिल सकता है, जहां उन्होंने पिछड़ने के बावजूद जोरदार वापसी करते हुए 4–2 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, रांची रॉयल्स भुवनेश्वर में सबसे अहम मौके पर उस हार का बदला लेने के इरादे से उतरेंगे।
फाइनल में जगह दांव पर होने के कारण मुकाबले का दबाव चरम पर रहेगा। क्वालिफायर-1 का विजेता 26 जनवरी को होने वाले पुरुष एचआईएल फाइनल में सीधे प्रवेश करेगा, जबकि हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा और वह 25 जनवरी को एलिमिनेटर के विजेता से क्वालिफायर-2 में भिड़ेगी।
With inputs from IANS