भारत ने हासिल की बड़ी रक्षा सफलता, स्वदेशी ‘TARA’ हथियार का पहला सफल परीक्षणBy Admin Fri, 08 May 2026 12:55 PM

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्वदेशी ‘टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑगमेंटेशन’ यानी TARA हथियार प्रणाली का पहला सफल फ्लाइट ट्रायल किया है। Defence Research and Development Organisation और Indian Air Force ने ओडिशा तट के पास इस परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, TARA एक मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट है, जो साधारण बिना गाइडेड वारहेड्स को अत्याधुनिक प्रिसिजन गाइडेड हथियार में बदल सकती है। यह भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड वेपन प्रणाली मानी जा रही है।

इस परियोजना को Research Centre Imarat ने DRDO की अन्य लैब्स के सहयोग से विकसित किया है। इसका उद्देश्य कम लागत वाले हथियारों की मारक क्षमता और सटीकता बढ़ाकर जमीनी लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से नष्ट करना है।

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस सफल परीक्षण पर DRDO, भारतीय वायुसेना, विकास-सह-उत्पादन साझेदारों (DcPP) और रक्षा उद्योग से जुड़े सभी संगठनों को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।

TARA की खासियत यह है कि इसमें अत्याधुनिक लेकिन कम लागत वाली तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इस परियोजना में भारतीय उद्योगों की भी बड़ी भूमिका रही है और कई कंपनियों ने इसके उत्पादन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

वहीं DRDO के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस सफल परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों को बधाई दी।

इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि सरकार ने रक्षा अनुसंधान को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है। उन्होंने बताया कि DRDO अब तक 2,200 से अधिक तकनीकों का हस्तांतरण विभिन्न उद्योगों को कर चुका है। साथ ही रक्षा अनुसंधान एवं विकास बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों के लिए निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का उपयोग किया जा चुका है।

 

With inputs from IANS