बांग्लादेश में चुनाव प्रचार खत्म, ओपिनियन पोल में बीएनपी-जमात के बीच कड़े मुकाबले के संकेतBy Admin Tue, 10 February 2026 01:25 PM

ढाका। बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव से पहले मंगलवार को चुनाव प्रचार का दौर समाप्त हो गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने कई हफ्तों तक चले जोरदार प्रचार अभियान का समापन किया।

प्रचार के अंतिम चरण में नेताओं ने कई वादे और घोषणाएं कीं, जिसके बाद अब मतदाता गुरुवार को होने वाले मतदान से पहले उनका आकलन करेंगे।

साल 2025 के संसदीय चुनाव आचार संहिता के तहत मंगलवार सुबह से प्रचार पर रोक लागू हो गई। आचार संहिता के अनुसार, राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या किसी भी व्यक्ति को मतदान शुरू होने से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार समाप्त करना अनिवार्य है। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘द ढाका ट्रिब्यून’ ने यह जानकारी दी।

राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने 21 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित होने के एक दिन बाद, 22 जनवरी से प्रचार अभियान शुरू किया था।

इस बीच, चुनाव से पहले विभिन्न संगठनों द्वारा जारी किए गए जनमत सर्वेक्षणों में अलग-अलग नतीजे सामने आए हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली, विश्वसनीयता और मतदाताओं की सोच पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है।

पिछले दो दिनों में जारी तीन प्रमुख सर्वेक्षणों में चुनावी परिदृश्य की अलग-अलग तस्वीर सामने आई है, खासतौर पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन और कट्टर इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन की ताकत को लेकर।

ढाका स्थित ‘एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट’ (ईएएसडी) द्वारा जारी सर्वेक्षण में दावा किया गया कि संगठन ने प्राइमरी सैंपलिंग यूनिट (पीएसयू) पद्धति के जरिए सभी 300 निर्वाचन क्षेत्रों में 41,500 लोगों से बातचीत की।

सोमवार को ढाका के कृषिबिद इंस्टीट्यूशन में सर्वेक्षण के नतीजे पेश करते हुए ईएएसडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शमीम हैदर तालुकदार ने कहा कि बीएनपी के नेतृत्व वाला गठबंधन करीब 208 सीटें जीत सकता है, जबकि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन लगभग 46 सीटें हासिल कर सकता है।

इसके विपरीत, बांग्लादेश के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी (आईआईएलडी) द्वारा किए गए एक अन्य सर्वेक्षण में कड़े मुकाबले की संभावना जताई गई है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, जमात समर्थित गठबंधन 105 सीटें और बीएनपी गठबंधन 101 सीटें जीत सकता है।

वहीं, तीसरे सर्वेक्षण में, जिसे नेशनलिस्ट रिसर्च सेल (एनआरसी) ने जारी किया है, बीएनपी की बड़ी जीत का अनुमान लगाया गया है। यह संगठन ढाका विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का मंच है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, बीएनपी को 77 प्रतिशत वोट और 220 संसदीय सीटें मिल सकती हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी मौसम में जनमत सर्वेक्षण चर्चा का अहम हिस्सा होते हैं, लेकिन अलग-अलग नतीजे मतदाताओं की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच यह जरूरी नहीं कि ये सर्वेक्षण वास्तविक चुनाव परिणामों का सही अनुमान दें।

 

With inputs from IANS