‘फ्रिगेट डेना, भारतीय नौसेना की मेहमान थी, बिना चेतावनी के हमला’, ईरान ने कहा- अमेरिका को ‘कड़वा पछतावा’ होगाBy Admin Thu, 05 March 2026 01:26 PM

तेहरान- सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा IRIS Dena पर किए गए हमले और उसे हिंद महासागर में डुबोने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को “समुद्र में किया गया अत्याचार” बताया और चेतावनी दी कि वॉशिंगटन को इस कदम पर “कड़वा पछतावा” होगा।

अराघची ने कहा कि यह युद्धपोत हाल ही में भारतीय नौसेना के दौरे पर आया था और हमले के समय इसमें करीब 130 नाविक सवार थे। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने ईरान के क्षेत्र से काफी दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “अमेरिका ने ईरान के तट से 2,000 मील दूर समुद्र में अत्याचार किया है। फ्रिगेट डेना, जो भारतीय नौसेना की मेहमान थी और जिसमें लगभग 130 नाविक सवार थे, उसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना चेतावनी के निशाना बनाया गया। मेरी बात याद रखिए, अमेरिका को इस मिसाल पर कड़वा पछतावा होगा।”

ईरानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी उस घटना के बाद आई, जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में IRIS Dena पर टॉरपीडो से हमला कर उसे डुबो दिया। बताया जा रहा है कि श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास यह हमला किया गया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिका ने पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो से किसी दुश्मन जहाज को डुबोया है।

यह अपेक्षाकृत छोटा युद्धपोत भारत में नौसैनिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वापस लौट रहा था। IRIS Dena ने 18 से 25 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित मिलन अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लिया था, जहां इसका स्वागत भारतीय नौसेना ने किया था।

इस दौरान भारतीय नौसेना ने X पर एक संदेश में कहा था कि “ईरानी नौसेना के IRIS डेना के विशाखापत्तनम पहुंचने पर उसका स्वागत किया गया, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।”

इस बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में करीब 74 देशों ने भाग लिया था। संयुक्त राज्य अमेरिका ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। हालांकि अमेरिकी नौसेना का गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Pinckney शुरुआत में शामिल होने वाला था, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले उसने अपनी भागीदारी रद्द कर दी। यह अभ्यास 25 फरवरी को समाप्त हुआ।

रिपोर्टों के अनुसार, IRIS Dena विशाखापत्तनम से रवाना होकर वापस लौट रहा था, तभी 4 फरवरी को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उस पर हमला किया गया।

अमेरिकी अधिकारियों ने हमले की जिम्मेदारी से इनकार नहीं किया और जहाज को डुबोने की बात स्वीकार की।

पीट हेगसेथ ने इस हमले पर टिप्पणी करते हुए कहा, “एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लगा था कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है। लेकिन उसे टॉरपीडो से डुबो दिया गया — शांत मौत।”

हमले के बाद इलाके में बचाव अभियान शुरू किया गया। श्रीलंकाई नौसेना ने अब तक IRIS डेना के करीब 30 नाविकों को बचा लिया है। बचाए गए नाविकों को करापिटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इस घटना ने क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है, क्योंकि ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के बीच संघर्ष पहले से ही तेज होता जा रहा है।

मौजूदा युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर समन्वित हमले किए थे। इन हमलों में कथित तौर पर ईरान के मिसाइल भंडार और परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया और इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की भी मौत हो गई थी।

 

With inputs from IANS