Census 2027: अमित शाह ने चार डिजिटल टूल और मैस्कॉट “प्रगति” व “विकास” का सॉफ्ट लॉन्च कियाBy Admin Thu, 05 March 2026 05:18 PM









गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को आगामी जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स को सॉफ्ट-लॉन्च किया और ऑफिशियल मैस्कॉट "प्रगति" और "विकास" को पेश किया। सरकार का कहना है कि सेंसस पूरी तरह से डिजिटल तरीके से किया जाएगा, और नागरिकों के पास पहली बार खुद से गिनती करने का ऑप्शन भी होगा।

जनगणना-2027 डिजिटल होगी
गृह मंत्री के मुताबिक, जनगणना 2027 दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना प्रोसेस होगा। इसे दो फेज में किया जाएगा। पहली बार, देश भर में डेटा कलेक्शन और मैनेजमेंट के लिए एडवांस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने सेंसस से जुड़े गिनती के प्रोसेस को और सही, तेज और आसान बनाने के लिए डेवलप किया है।

मैस्कॉट "प्रगति" और "विकास" पेश किए गए
सरकार ने जनगणना 2027 के लिए दो ऑफिशियल मैस्कॉट, "प्रगति" (महिला) और "विकास" (पुरुष) भी पेश किए हैं। ये मैस्कॉट महिलाओं और पुरुषों की बराबर भागीदारी को दिखाते हैं और 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के भारत के कमिटमेंट को दिखाते हैं। मिनिस्ट्री के मुताबिक, ये मैस्कॉट सेंसस के मकसद, जानकारी और खास मैसेज समाज के सभी तबकों तक आसान और लोगों के लिए आसान तरीके से पहुंचाएंगे।

चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च

हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर वेब एप्लीकेशन यह प्लेटफॉर्म अधिकारियों को सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल करके डिजिटली हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक बनाने में मदद करेगा। इससे सेंसस के दौरान ज्योग्राफिकल एरिया की सही कवरेज पक्की होगी और मैपिंग की सटीकता बढ़ेगी।

HLO मोबाइल एप्लीकेशन
यह एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल ऐप होगा जिसका इस्तेमाल एन्यूमरेटर घर-घर जाकर घरों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए करेंगे। फील्ड वर्कर ऐप के ज़रिए सीधे डिजिटली डेटा अपलोड कर पाएंगे, जिससे पेपरवर्क काफी कम हो जाएगा।

सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल
पहली बार, सरकार सेल्फ-एन्यूमरेशन दे रही है। इसके ज़रिए, परिवार का कोई भी योग्य सदस्य फील्ड सर्वे शुरू होने से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन डाल सकेगा। जानकारी जमा करने के बाद, परिवार को एक यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन ID मिलेगी, जिसे फिर एन्यूमरेटर वेरिफाई करेंगे।

सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) पोर्टल यह एक सेंट्रलाइज़्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा जिसके ज़रिए अधिकारी सेंसस से जुड़ी सभी एक्टिविटीज़ की प्लानिंग, मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग कर सकेंगे। सब-डिस्ट्रिक्ट, डिस्ट्रिक्ट और स्टेट-लेवल के अधिकारी एक यूनिफाइड डैशबोर्ड के ज़रिए रियल टाइम में फील्ड वर्क की प्रोग्रेस को ट्रैक कर सकेंगे।

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement