21वीं सदी की पहली तिमाही पर मलाइका अरोड़ा: मेरे लिए यह खुद को नए सिरे से गढ़ने की यात्रा रही हैBy Admin Wed, 24 December 2025 05:53 AM









मुंबई - जैसे-जैसे 21वीं सदी की पहली तिमाही अपने समापन की ओर बढ़ रही है, बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और डांसर मलाइका अरोड़ा इस दौर को बदलाव, विकास और निरंतर पुनर्निर्माण की यात्रा के रूप में देख रही हैं। उनका मानना है कि इस अवधि में बॉलीवुड ने एक सार्थक और रोमांचक बदलाव देखा है, जिसने कहानी कहने के तरीके, तकनीक और दर्शकों के सिनेमा से जुड़ाव को पूरी तरह से नया रूप दिया है।

आईएएनएस से विशेष बातचीत में, 21वीं सदी के पहले 25 वर्षों पर नजर डालते हुए और इसे 20वीं सदी के अंतिम वर्षों से तुलना करते हुए मलाइका ने कहा,
“अगर इस सदी के पहले 25 सालों को देखें तो बॉलीवुड ने बेहद खूबसूरती से विकास किया है। 90 के दशक के अंत में कहानियां ज्यादा फॉर्मूला आधारित और सितारों पर केंद्रित होती थीं। आज की कहानियां ज्यादा साहसी, गहराई वाली और ईमानदार हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि तकनीक के क्षेत्र में भी बॉलीवुड ने लंबी छलांग लगाई है।
“डिजिटल फिल्ममेकिंग से लेकर वीएफएक्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म तक, तकनीक ने कल्पना से कहीं आगे जाकर सिनेमा को बदला है।”

मलाइका ने यह भी माना कि दर्शक भी अब पहले जैसे नहीं रहे।
“आज का दर्शक ज्यादा समझदार, ज्यादा जुड़ा हुआ और अलग-अलग तरह की कहानियों को अपनाने के लिए तैयार है।”

जब उनसे पूछा गया कि कौन सा बदलाव उन्हें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला लगा, तो उन्होंने कहा,
“मुझे सबसे ज्यादा यह देखकर हैरानी हुई कि कंटेंट आधारित सिनेमा और गैर-पारंपरिक कहानियों को धीरे-धीरे मुख्यधारा में स्वीकार्यता मिलने लगी।”

अपने निजी सफर के बारे में बात करते हुए मलाइका ने कहा,
“व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए यह खुद को नए सिरे से गढ़ने की यात्रा रही है—ग्लैमर और डांस से आगे बढ़कर फिटनेस, उद्यमिता और अब एक प्रकाशित लेखिका बनने तक।”

इस दौर को परिभाषित करने वाली फिल्मों और अभिनय की चर्चा करते हुए मलाइका ने लगान, दिल चाहता है, क्वीन, गली बॉय और अंधाधुन जैसी फिल्मों को मील का पत्थर बताया।
उन्होंने कहा, “इस अध्याय के अंत में, लगान, दिल चाहता है, क्वीन, गली बॉय और अंधाधुन जैसी फिल्मों ने इस युग को सचमुच परिभाषित किया है।”

उन्होंने शाहरुख खान की फिल्मों का भी विशेष उल्लेख किया।
“स्वदेस, चक दे! इंडिया, माई नेम इज खान से लेकर हालिया पठान तक, शाहरुख खान की फिल्मों ने पीढ़ियों तक बॉलीवुड की भावनात्मक और सांस्कृतिक धड़कन को आकार दिया है।”

इसके साथ ही मलाइका ने महिला कलाकारों के सफर को भी सराहा।
उन्होंने कहा, “करीना कपूर से लेकर आलिया भट्ट और कृति सेनन तक का सफर भी यादगार रहा है। जब वी मेट, ओंकारा, गंगूबाई और मिमी जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने मजबूत और जटिल महिला किरदारों के विकास को दर्शाया है।”

मलाइका के अनुसार, ये फिल्में, शानदार अभिनय, महिला प्रधान कहानियों का बढ़ता चलन और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स का विस्तार, हिंदी सिनेमा के अगले चरण की मजबूत नींव रख चुके हैं।
उन्होंने कहा, “इन सभी ने मिलकर ऐसे भविष्य की नींव रखी है, जहां बॉलीवुड बड़े स्तर और गहराई के बीच संतुलन बनाते हुए, अपनी जड़ों से जुड़े रहकर वैश्विक पहचान हासिल करेगा।”

 

With inputs from IANS

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT
Advertisement