
रांची: राज्य के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से चल रही अनियमितताओं पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों पर संविदा भर्ती पर तत्काल रोक लगा दी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि अब जरूरत पड़ने पर सीधे नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि राज्य सरकार के जरिए JAP-IT से सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से ही कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। साथ ही पिछले तीन वर्षों में हुई सभी संविदा नियुक्तियों का पूरा ब्योरा सात दिनों के भीतर मांगा गया है, जिससे साफ है कि व्यापक जांच की तैयारी है। इसके अलावा OSD टू VC पद को अवैध बताते हुए सभी कर्मियों को उनके मूल पद पर वापस भेजने का आदेश दिया गया है। वित्तीय पारदर्शिता के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं, जिसमें विश्वविद्यालयों को अपने फंड बचत खाते या फिक्स्ड डिपॉजिट में रखने होंगे।