राष्ट्र प्रथम के भाव से पीएम के आह्वान को अपनाएं : संजय सेठ By Admin Mon, 11 May 2026 07:28 PM

रांची। रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों के 7 आह्वान पर कहा कि जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध की परिस्थितियां आई हैं या देश ने युद्धकाल का सामना किया है, प्रधानमंत्री के आग्रह पर देशवासियों ने सदैव ही अपने राष्ट्र प्रथम के भाव का परिचय दिया है। आज जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) के देशों के बीच चल रहे युद्ध को लेकर देशवासियों से 7 आह्वान किए हैं, वह राजनैतिक नहीं बल्कि देशहित में है। आज जब उस युद्ध के कारण पूरी दुनिया में उथल पुथल मचा हुआ है। हर देश की महंगाई चरम पर है, ऐसे में भारत जैसे 140 करोड़ की आबादी वाले देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से स्थिर है। जनता पर कोई अनावश्यक बोझ नहीं पड़ा है। 
श्री सेठ ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान को हर नागरिक को अपनाना चाहिए। बिना किसी राजनैतिक और वैचारिक प्रतिरोध के हम सबको इसका पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी 1965 में भारत पाकिस्तान युद्ध के समय तात्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने सभी देशवासियों से सप्ताह में एक दिन उपवास रखने का आह्वान किया था। देशवासियों ने उनके इस आह्वान को हाथों हाथ लेकर अपने जीवन में शामिल कर लिया था। फिर 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध के समय तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी देशवासियों पर कई प्रकार के टैक्स लगाए थे। डाक टिकटों पर विशेष टैक्स लगाए गए थे। हर चिट्ठी पर 5 पैसे का विशेष टिकट लगाया जाता था। तब उनकी सरकार ने अत्यधिक आयकर दर 97.5% तक लागू कर दिया था। देश की उस परिस्थिति को देखते हुए, हर देशवासी सरकार के साथ खड़े रहे थे। आज जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशहित में खड़े होने का आह्वान किया है तो तमाम कांग्रेसी और विपक्षी नेता अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं, जो राष्ट्रहित में नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कल ही प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्र प्रथम - कर्तव्य सर्वोपरि का आह्वान किया है ताकि विकसित भारत 2047 के राह कर भारत आगे बढ़ता रहे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को सशक्त बनाने के लिए 7 महत्वपूर्ण आह्वान किए हैं, जिसमें वर्क फ्रॉम होम अपनाना, पेट्रोल-डीज़ल की खपत घटाना, विदेश यात्रा से बचना, स्वदेशी अपनाना, खाद्य तेल का उपयोग सीमित करना, रासायनिक खाद का उपयोग कम कर, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और सोना खरीदने से परहेज करना शामिल है।
जब करोड़ों भारतीय एकजुट होकर ये छोटे-छोटे बदलाव करें, तो आत्मनिर्भर और सशक्त भारत बनाने से कोई नहीं रोक सकता।