

झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, मानसून की सक्रियता के बीच वज्रपात की घटनाएं भी सामने आई हैं। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा कोलेबिरा (40.2 मिमी), पपुनकी (30.8 मिमी), नोआमुंडी (23.6 मिमी), राजधनवार (23.2 मिमी) और पालकोट (14.8 मिमी) में भी अच्छी बारिश हुई। राजधानी रांची में भी छिटपुट बारिश दर्ज की गई। राज्य का सबसे गर्म स्थान डालटनगंज रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं रांची का न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे कम था। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मानसून के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। वहीं गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम वज्रपात से शहबाज अंसारी (18 वर्ष) और फैजुन खातून (12 वर्ष) की जान चली गई। इसके अलावा मझगांव और खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या जलाशयों के आसपास जाने से बचें। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
