चंडीगढ़ और दादरा-नगर हवेली में 14 अगस्त से डिजिटल करेंसी के जरिए खाद्य सब्सिडी का ट्रांसफरBy Admin Thu, 13 August 2026 02:03 PM

Photo: IANS

केंद्र सरकार 14 अगस्त को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था शुरू करने जा रही है। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले शुरू होने वाली यह पहल खाद्य सब्सिडी को डिजिटल रूप में लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस नई व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को खाद्य सब्सिडी पारंपरिक बैंक खातों में भेजने के बजाय उनके CBDC वॉलेट में डिजिटल रुपये के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। लाभार्थी इस राशि का इस्तेमाल अधिकृत दुकानदारों से खाद्यान्न खरीदने के लिए कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल, सुरक्षित और वास्तविक समय में ट्रैक की जा सकेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया तथा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली देश के पहले ऐसे केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहे हैं, जहां सभी पात्र PMGKAY लाभार्थियों को प्रोग्रामेबल CBDC यानी डिजिटल रुपये के टोकन सीधे उनके CBDC वॉलेट में खाद्य सब्सिडी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे पहले पुडुचेरी और गुजरात में CBDC आधारित DBT व्यवस्था का पायलट स्तर पर परीक्षण किया जा चुका है। अब चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में इसका व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों में योजना के पात्र लाभार्थियों तक डिजिटल सब्सिडी पहुंचाने की व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने का रास्ता साफ होगा।

सरकार का मानना है कि CBDC आधारित DBT से सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। डिजिटल लेनदेन के जरिए राशि के इस्तेमाल को शुरू से अंत तक ट्रैक किया जा सकेगा, जिससे धन के दुरुपयोग, रिसाव और बिचौलियों की भूमिका को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, नकद लेनदेन पर निर्भरता भी घटेगी।

नई व्यवस्था लाभार्थियों को तुरंत और सुरक्षित तरीके से सहायता उपलब्ध कराने के साथ वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा दे सकती है। वॉलेट आधारित लेनदेन के कारण डिजिटल भुगतान प्रणाली से जुड़ना अपेक्षाकृत आसान होगा, जबकि सरकार को सब्सिडी के इस्तेमाल की वास्तविक समय में निगरानी करने में मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार इसे केवल खाद्य सब्सिडी वितरण की नई व्यवस्था के तौर पर नहीं, बल्कि भविष्य में डिजिटल रुपये के व्यापक इस्तेमाल की संभावनाओं को परखने वाले मॉडल के रूप में भी देख रही है। इस प्रयोग से यह समझने में मदद मिलेगी कि CBDC को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के साथ किस तरह जोड़ा जा सकता है।

सरकार के अनुसार, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में शुरू होने वाली यह व्यवस्था देश के लिए एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के रूप में काम करेगी। इसके सफल होने पर इससे मिले अनुभव के आधार पर अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी ऐसी डिजिटल सब्सिडी व्यवस्था को लागू किया जा सकता है।

यह पहल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के लाभ को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा नागरिक-केंद्रित तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सरकार की व्यापक नीति का हिस्सा है।
 

 

With inputs from IANS