डुअल-चिप तकनीक से बदल रहा मोबाइल गेमिंग का अनुभव, अब गेमिंग के साथ वीडियो देखने में भी होगा फायदाBy IANS Wed, 26 August 2026 11:53 AM

Photo: IANS

भारत में मोबाइल गेमिंग अब सिर्फ समय बिताने का साधन नहीं रह गया है। स्मार्टफोन पर गेमिंग का अनुभव लगातार बेहतर हो रहा है और यूजर्स अब ऐसे फोन की उम्मीद करते हैं, जो ग्राफिक्स, स्पीड और रिस्पॉन्स के मामले में किसी समर्पित गेमिंग डिवाइस को टक्कर दे सकें।

Mordor Intelligence की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का गेमिंग बाजार 2026 में करीब 5 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक 9.89 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस दौरान बाजार के 14.52 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ने का अनुमान है। खास बात यह है कि इस बाजार में मोबाइल गेमिंग की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यानी भारत में गेमिंग का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म अब कंसोल या पीसी नहीं, बल्कि स्मार्टफोन बन चुका है।

गेमिंग में बढ़ती मांग के साथ स्मार्टफोन के लिए भी प्रदर्शन के नए मानक तय हो रहे हैं। हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले, बेहतर ग्राफिक्स, तेज टच रिस्पॉन्स और अधिक जटिल गेमिंग वातावरण के कारण सिर्फ प्रोसेसर की ताकत अब पर्याप्त नहीं मानी जाती। लंबे समय तक गेम खेलते हुए स्थिर फ्रेम रेट, कम लेटेंसी, बेहतर कूलिंग और पर्याप्त बैटरी बैकअप भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।

यही वजह है कि स्मार्टफोन कंपनियां अब केवल ज्यादा शक्तिशाली प्रोसेसर लगाने के बजाय अलग-अलग काम के लिए विशेष हार्डवेयर और AI तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसका एक उदाहरण डुअल-चिप आर्किटेक्चर है, जिसमें मुख्य प्रोसेसर के साथ एक अतिरिक्त चिप अलग तरह के विजुअल और AI से जुड़े कार्यों को संभालती है।

AI की भूमिका भी मोबाइल गेमिंग में तेजी से बढ़ रही है। यह तकनीक गेम के दौरान अतिरिक्त फ्रेम तैयार कर सकती है, कम रेंडरिंग के साथ विजुअल डिटेल बेहतर कर सकती है और स्क्रीन पर चल रही गतिविधियों के अनुसार ग्राफिक्स को ऑप्टिमाइज कर सकती है। इसका उद्देश्य सिर्फ अधिकतम फ्रेम रेट हासिल करना नहीं, बल्कि लंबे गेमिंग सेशन के दौरान प्रदर्शन को अधिक स्थिर बनाए रखना है।

भारतीय ग्राहक भी स्मार्टफोन में AI को तेजी से महत्व दे रहे हैं। Flipkart x Counterpoint Smartphone Insights Report 2026 के अनुसार, 89 प्रतिशत भारतीय स्मार्टफोन खरीदारों का कहना है कि AI फीचर्स उनके फोन खरीदने के फैसले को प्रभावित करते हैं। इससे संकेत मिलता है कि AI अब स्मार्टफोन में अतिरिक्त सुविधा भर नहीं रह गया है, बल्कि खरीदारी के फैसले का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

करीब 30,000 रुपये के सेगमेंट में यह बदलाव खास तौर पर दिखाई दे रहा है। realme P4 सीरीज ने इसी दिशा में डुअल-चिप तकनीक को अधिक किफायती सेगमेंट तक पहुंचाने की कोशिश की है। इसमें मुख्य प्रोसेसर के साथ अतिरिक्त प्रोसेसिंग क्षमता दी गई है, जिससे दोनों चिप अलग-अलग तरह के कार्यों को संभाल सकती हैं।

realme P4s 5G में MediaTek Dimensity 7400 Ultra के साथ Hyper Vision+ AI Chip दी गई है। जहां मुख्य चिप सामान्य कंप्यूटिंग का काम संभालती है, वहीं अतिरिक्त AI चिप विजुअल प्रोसेसिंग से जुड़े कार्यों पर ध्यान देती है। कंपनी के मुताबिक, इससे गेमिंग के दौरान फ्रेम रेट को अधिक स्थिर रखने, ग्राफिक्स बेहतर करने और HDR विजुअल को समृद्ध बनाने में मदद मिलती है।

इस तकनीक का फायदा सिर्फ गेमिंग तक सीमित नहीं है। Hyper Vision+ AI Chip को वीडियो और अन्य विजुअल कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तेज एक्शन या खेल मुकाबलों जैसे कंटेंट में मोशन को ज्यादा स्मूद दिखाने, वीडियो की स्पष्टता बढ़ाने और ब्राइटनेस व कंट्रास्ट को बेहतर करने में AI की भूमिका हो सकती है।

फोन में 144Hz Samsung 1.5K AMOLED डिस्प्ले और 3000Hz तक इंस्टेंट टच सैंपलिंग भी दी गई है। हाई रिफ्रेश रेट गेमिंग के दौरान स्क्रीन पर मूवमेंट को अधिक स्मूद बनाने में मदद करता है, जबकि तेज टच सैंपलिंग गेम में यूजर के इनपुट और स्क्रीन रिस्पॉन्स के बीच देरी कम करने के लिए उपयोगी है।

AI Hyper Motion, AI Hyper Clarity और AI Always-On HDR जैसे फीचर्स क्रमशः फ्रेम स्थिरता, विजुअल शार्पनेस और HDR अनुभव को बेहतर करने पर केंद्रित हैं। इसके अलावा AI Gaming Partner में GT Mode, Cleanup Acceleration, Do Not Disturb और नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन जैसे फीचर्स को एक साथ जोड़ा गया है, ताकि गेमिंग के दौरान बैकग्राउंड रिसोर्स, नोटिफिकेशन और नेटवर्क से जुड़े व्यवधानों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके।

लंबे समय तक गेमिंग के दौरान फोन के गर्म होने से प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए realme P4s 5G में 7000 वर्ग मिलीमीटर का AirFlow VC Cooling System दिया गया है। फोन में 8000mAh की बैटरी, 80W फास्ट चार्जिंग और All-Scenario Bypass Charging भी मौजूद है। बड़ी बैटरी उन यूजर्स के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जो गेमिंग के साथ वीडियो स्ट्रीमिंग और अन्य मल्टीमीडिया गतिविधियों के लिए भी फोन का लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं।

इस तरह डुअल-चिप आर्किटेक्चर का महत्व सिर्फ गेमिंग तक सीमित नहीं रह जाता। एक ओर यह लंबे गेमिंग सेशन में फ्रेम रेट और तापमान को मैनेज करने में मदद कर सकता है, वहीं दूसरी ओर वीडियो, फिल्म और स्पोर्ट्स कंटेंट देखने के दौरान बेहतर मोशन और विजुअल क्वालिटी का अनुभव दे सकता है।

कुल मिलाकर, मोबाइल गेमिंग का भविष्य अब केवल यह तय करने से नहीं होगा कि फोन में कौन-सा प्रोसेसर लगा है। प्रोसेसर के साथ डिस्प्ले, टच रिस्पॉन्स, कूलिंग, बैटरी और AI आधारित सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन भी उपयोगकर्ता अनुभव को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

realme P4s 5G 26 अगस्त को लॉन्च होने वाला है। कंपनी ने इसमें डुअल-चिप आर्किटेक्चर, 144Hz Samsung 1.5K AMOLED डिस्प्ले और AI आधारित गेमिंग फीचर्स को एक साथ पेश किया है। ऐसे में करीब 30,000 रुपये के सेगमेंट में मुकाबला अब सिर्फ प्रोसेसर की क्षमता पर नहीं, बल्कि पूरे डिवाइस के संतुलित प्रदर्शन पर केंद्रित होता दिख रहा है।

मोबाइल गेमिंग और वीडियो खपत दोनों के बढ़ते बाजार के बीच यह बदलाव एक व्यापक ट्रेंड की ओर इशारा करता है। आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियां अधिक शक्तिशाली हार्डवेयर के साथ विशेष AI प्रोसेसिंग और स्मार्ट रिसोर्स मैनेजमेंट पर भी जोर दे सकती हैं, जिससे यूजर्स को गेमिंग से लेकर मनोरंजन तक अधिक स्थिर और बेहतर अनुभव मिल सके।

 

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