इजरायल चुनाव: मतदाताओं ने जताया लोकतंत्र पर भरोसा, शांति की उम्मीद के साथ मजबूत देश की वकालतBy IANS Tue, 27 October 2026 05:40 PM

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इजरायल में संसद यानी नेसेट के 26वें चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान के दौरान मतदाताओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताया और देश के साथ-साथ दुनिया में शांति की उम्मीद व्यक्त की। कई मतदाताओं ने इजरायल की मजबूती पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे ऐसा नेतृत्व चाहते हैं, जो देश को बेहतर भविष्य की ओर ले जाए।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने भी यरुशलम के एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से मतदान में हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा, “बाहर निकलें और वोट करें।”

चुनाव के लिए देशभर में करीब 73 लाख पात्र मतदाता पंजीकृत हैं। मतदान संपन्न कराने के लिए 12 हजार से अधिक मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई है।

आईएएनएस से बातचीत में एक स्थानीय निवासी ने कहा कि वह युद्ध के पक्ष में नहीं हैं और इजरायल सहित पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं। उन्होंने इजरायल की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश में तानाशाही नहीं, बल्कि लोकतंत्र है। उन्होंने बेल्जियम की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इजरायल अपना देश होने के नाते बेहतर लगता है।

वहीं, मतदान करके लौट रही एक युवती ने इजरायल की ताकत पर विश्वास जताया। उसने कहा कि देश मजबूत है और उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं है। युवती ने उम्मीद जताई कि उसकी पसंद की टीम के साथ अन्य योग्य महिला और पुरुष प्रतिनिधि संसद में पहुंचेंगे और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।

एक अन्य मतदाता ने लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों से मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने और अपनी पसंद के उम्मीदवार या दल के पक्ष में वोट डालने का अवसर इस्तेमाल करना चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों का मतदान करना जरूरी है।

एक अन्य स्थानीय निवासी ने इस चुनाव को इजरायल के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव करार दिया। उनके इस बयान से देश के राजनीतिक भविष्य को लेकर मतदाताओं के बीच चुनाव की अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

इजरायल के केंद्रीय निर्वाचन आयोग के महानिदेशक डीन लिवने ने मतदान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि देश में 73 लाख पात्र मतदाताओं के लिए 12,018 सामान्य मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त अस्पतालों, जेलों और सेना जैसे विशेष स्थानों पर भी 300 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए 45 करोड़ मतपत्र छापे जा चुके हैं और देशभर में 12,335 अलग-अलग स्थानों पर चुनाव संबंधी व्यवस्थाएं की गई हैं। चुनाव का बजट लगभग 70 करोड़ नई इजरायली शेकेल है, जो करीब 15 करोड़ डॉलर से थोड़ा कम है। लिवने ने चुनावी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए की गई तैयारियों पर भरोसा जताया।

यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल में पहला चुनावी मुकाबला है। वर्ष 2022 के चुनाव के बाद देश के राजनीतिक परिदृश्य और मतदाताओं की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। सुरक्षा, युद्ध और शांति की संभावनाओं के बीच इस चुनाव को इजरायल की आगे की राजनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मतदान के दौरान मतदाताओं के बयानों में देश की सुरक्षा और मजबूती पर भरोसे के साथ शांति की इच्छा भी स्पष्ट दिखाई दी। अब चुनाव परिणाम से यह सामने आएगा कि मतदाता किस नेतृत्व को देश की जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं।