
जमशेदपुर: देश की सेवा करने का सपना देखने वाले झारखंड के युवाओं को अब अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिल रही है। टाटा स्टील फाउंडेशन की यूनिफॉर्म सर्विसेज कोचिंग पहल युवाओं को सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में भर्ती की तैयारी के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रही है। इस पहल के जरिए कई युवाओं को सरकारी नौकरी हासिल करने में सफलता मिली है।
दरअसल, जामाडोबा और सिजुआ क्षेत्र के कई युवा डिफेंस फोर्सेज, पुलिस और पैरामिलिट्री सर्विसेज में अपना करियर बनाना चाहते हैं। लेकिन बेहतर कोचिंग, शारीरिक प्रशिक्षण और सही करियर गाइडेंस की कमी के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से टाटा स्टील फाउंडेशन ने नवंबर 2022 में जामाडोबा और सिजुआ में यूनिफॉर्म सर्विसेज कोचिंग प्रोग्राम की शुरुआत की थी।
इस कार्यक्रम के तहत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षाओं की तैयारी के साथ फिजिकल फिटनेस ट्रेनिंग, करियर काउंसलिंग, मॉक टेस्ट और नियमित मेंटरशिप दी जाती है। शुरुआत में यह एक साल का कार्यक्रम था, लेकिन पिछले बैचों से मिले अनुभव के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष से इसे छह महीने के गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में बदल दिया गया है। कोचिंग की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा की तैयारी, संदेह दूर करने वाले विशेष सत्र और शारीरिक फिटनेस के आकलन के जरिए सहयोग दिया जाता है, ताकि भर्ती के उपयुक्त अवसर मिलने तक उनकी तैयारी जारी रहे।
इस कोचिंग के जरिए युवाओं को इंडियन आर्मी, अग्निवीर, इंडियन नेवी, इंडियन एयर फोर्स, इंडियन कोस्ट गार्ड, एनडीए, एसएससी जीडी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और राज्य पुलिस समेत विभिन्न सेवाओं की भर्ती के लिए तैयार किया जाता है। प्रशिक्षण में गणित, रीजनिंग, हिंदी और अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, राजनीति और रक्षा से जुड़ी जानकारी जैसे विषय शामिल हैं।
दोनों केंद्रों पर तीन-तीन प्रशिक्षक तैनात हैं। इनमें एक फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर और दो विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। सोमवार से शुक्रवार तक चलने वाली कक्षाओं में सुबह शारीरिक प्रशिक्षण और दोपहर में पढ़ाई कराई जाती है।
इस पहल के नतीजे भी सामने आने लगे हैं। टाटा स्टील फाउंडेशन के अनुसार, कार्यक्रम शुरू होने के बाद से जामाडोबा और सिजुआ के कुल 93 अभ्यर्थियों ने इसमें नामांकन कराया है। इनमें से 17 उम्मीदवार सरकारी नौकरियां हासिल कर चुके हैं। इनकी नियुक्ति सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, एसएससी जीडी, अग्निवीर और बिहार पुलिस जैसी सेवाओं में हुई है। सफल उम्मीदवारों में 12 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। ये अभ्यर्थी पटिया बस्ती, भेलाटांड़, मलकेरा, जोरापोखर, सिजुआ नंबर 6, सिजुआ नंबर 12, भौरा और लहरगोड़ा जैसे इलाकों से आते हैं।
इसके अलावा, 21 उम्मीदवार होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सफल हुए हैं और अपना मेडिकल टेस्ट भी पूरा कर चुके हैं। अब उन्हें अंतिम मेरिट लिस्ट का इंतजार है। इन उम्मीदवारों में छह महिलाएं शामिल हैं, जो यूनिफॉर्म सर्विसेज में महिलाओं की भागीदारी को भी दर्शाता है।
जामाडोबा और सिजुआ में मिली सफलता के बाद इस कार्यक्रम का विस्तार वेस्ट बोकारो तक किया गया है। भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों में भी शुरू करने की योजना है, ताकि स्थानीय युवाओं को सरकारी सेवाओं में करियर बनाने के अधिक अवसर मिल सकें।
इस पहल से लाभ पाने वाले युवाओं में आनंद कुमार भी शामिल हैं, जो वर्तमान में चंडीगढ़ में इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस यानी आईटीबीपी में सेवा दे रहे हैं। आनंद के मुताबिक, सशस्त्र बलों में भर्ती होना उनका पुराना सपना था। एसएससी जीडी चयन में कुछ अंकों से पीछे रह जाने के बाद वह निराश हो गए थे। लेकिन टाटा स्टील फाउंडेशन की कोचिंग से उन्हें सही मार्गदर्शन, अनुशासन और आत्मविश्वास मिला। उन्होंने दोबारा मेहनत की और आखिरकार अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। आज आईटीबीपी में सेवा करना उनके और उनके परिवार के लिए गर्व की बात है।
वहीं, सिजुआ नंबर 12 की रहने वाली आशा महतो फिलहाल प्रशिक्षण ले रही हैं। उनका सपना भी सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना है। आशा का कहना है कि कोचिंग के दौरान मिलने वाला अनुशासन, मार्गदर्शन और सहयोग उन्हें अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा देता है। उन्हें भरोसा है कि दृढ़ संकल्प और समर्पण के दम पर वह एक दिन अपना सपना जरूर पूरा करेंगी।
टाटा स्टील फाउंडेशन की यह पहल दिखाती है कि सही प्रशिक्षण, निरंतर मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर स्थानीय युवा भी देश की सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं में अपना भविष्य बना सकते हैं।

