‘भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत’: स्वामी विवेकानंद को पीएम मोदी की श्रद्धांजलिBy Admin Mon, 12 January 2026 06:03 AM









नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर युवा पीढ़ी को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

सरकार ने वर्ष 1984 में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया था, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों और विचारों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने लिखा, “भारत की युवा शक्ति के लिए प्रेरणा के सशक्त स्रोत स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर मेरा नमन। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा देता है। मेरी कामना है कि राष्ट्रीय युवा दिवस का यह पावन अवसर सभी देशवासियों को, विशेषकर मेरे युवा साथियों को, नई शक्ति और नया आत्मविश्वास प्रदान करे।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती समाज के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत है।

एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा, “स्वामी विवेकानंद ने देश और समाज को जो दिया, वह समय और सीमाओं से परे है और हर पीढ़ी को प्रेरित करता है। उन्होंने हमें मार्ग दिखाया। उसी दौर में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि निर्भीक, निःस्वार्थ, शुद्ध हृदय वाले, साहसी और महत्वाकांक्षी युवा ही राष्ट्र के भविष्य की नींव होते हैं। उन्हें युवाओं और उनकी शक्ति पर अपार विश्वास था।”

युवाओं से आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “अब आपको उनके उस विश्वास पर खरा उतरना है। आज जब पूरी दुनिया भारत को बड़ी आशा की नजर से देख रही है, तो उसके पीछे आप सभी, मेरे युवा मित्र, हैं। आज गांव हो, शहर हो या कस्बा—हर जगह युवाओं का उत्साह दिखाई देता है। राष्ट्रीय युवा दिवस पर आप सभी को मेरी शुभकामनाएं।”

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने वेदांत और योग सहित भारतीय दर्शन को पश्चिमी दुनिया तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण ने अंतरधार्मिक संवाद को नई दिशा दी और हिंदू धर्म को वैश्विक पहचान दिलाई।

स्वामी विवेकानंद ने भारतीय राष्ट्रवाद, सामाजिक सुधार और एकता का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से मानव सेवा का आह्वान किया और शिक्षा व सेवा के उद्देश्य से रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।

 

With inputs from IANS

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