महिला वकील से बदसलूकी मामला : हाई कोर्ट अधिवक्ता महेश तिवारी का प्रैक्टिस लाइसेंस सस्पेंडBy Admin Tue, 07 April 2026 04:07 PM









रांची। महिला वकील से बदसलूकी और मारपीट मामले मे को लेकर झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता महेश तिवारी को दोषी करार दिया गया है और कानूनी नियमों के तहत उनका प्रैक्टिस लाइसेंस सस्पेंड  कर दिया गया है। यह मामला साल 2012 का है जब झारखंड हाईकोर्ट परिसर में महेश तिवारी पर महिला वकील ऋतु कुमार के साथ बदसलूकी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था.लगभग 14 साल तक चले इस मुकदमे के बाद, निचली अदालत ने उन्हें दोषी पाया. कोर्ट ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई है. महेश तिवारी पर सजा के साथ-साथ 19500 रुपये का जुर्माना भी लगा है। वहीं महेश तिवारी द्वारा दर्ज कराए गए मामले मे अधिवक्ता ऋतु कुमार को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव मे बरी कर दिया है। यह फैसला मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सार्थक शर्मा की कोर्ट ने सुनाई है। कोर्ट ने महेश तिवारी को मामले मे दोषी ठहराते हुए आईपीसी 354 के तहत 2 साल, आईपीसी 323 के तहत एक साल और आईपीसी 351 के तहत एक साल की सजा सुनाई थी। दोनों सजा एक साथ चलेगी। महेश तिवारी के खिलाफ रांची के दोरंड थन मे अधिवक्ता ऋतु कुमार द्वारा कांड संख्या 191/2012 दर्ज किया गया था। वहीं अधिवक्ता महेश तिवारी की ओर से अधिवक्ता ऋतु कुमार के खिलाफ कांड संख्या 192/2012 दर्ज कराया गया था।  

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लाइसेंस निलंबित
बार काउंसिल के नियमों के मुताबिक अगर किसी अधिवक्ता को किसी आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जाता है और सजा सुनाई जाती है, तो उनका प्रैक्टिस करने का अधिकार स्वतः प्रभावित होता है. स्टेट बार काउंसिल ने संज्ञान लेते हुए उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया है. सस्पेंशन की अवधि के दौरान महेश तिवारी देश की किसी भी अदालत में वकीलों की तरह पैरवी नहीं कर पाएंगे.

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