ED अधिकारियों के खिलाफ FIR की CBI जांच पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद By Admin Mon, 13 April 2026 04:51 PM









नई दिल्ली: रांची में ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और उसकी CBI जांच को लेकर विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई के दौरान फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं आया, लेकिन कोर्ट ने अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद तय कर दी है. यह मामला तब सुर्खियों में आया जब झारखंड हाईकोर्ट ने रांची एयरपोर्ट थाना में दर्ज प्राथमिकी की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था. इसके बाद राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के बीच टकराव की स्थिति बन गई. खास बात यह है कि यह FIR मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें ED अधिकारियों को नामजद किया गया था. अब सुप्रीम कोर्ट में इस पूरे विवाद की सुनवाई से यह तय होगा कि जांच का अधिकार किसके पास रहेगा और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी. यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपी संतोष कुमार ने रांची के एयरपोर्ट थाना में ED अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि जांच के दौरान ED अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन किया. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा. स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब रांची पुलिस ने ED कार्यालय में छापेमारी की. इस कदम को ED ने गैरकानूनी बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिससे मामला न्यायिक दायरे में पहुंच गया.
हाईकोर्ट ने दिया है जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश
पिछले महीने झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए रांची पुलिस द्वारा दर्ज FIR की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया. कोर्ट ने माना कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी का हस्तक्षेप जरूरी है. इस आदेश के बाद CBI ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 5/2026 को अपने हाथ में ले लिया. CBI की क्राइम ब्रांच ने RC-03(S)/2026/SC-III/ND के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. इस फैसले ने राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के बीच टकराव को और तेज कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई—क्या हुआ अब तक 
हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश्वर और जस्टिस एन. कोटीश्वर सिंह की पीठ में इस पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया. आंशिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगली तारीख एक सप्ताह बाद तय कर दी है. अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर है, जहां यह तय हो सकता है कि जांच CBI के पास ही रहेगी या फिर राज्य पुलिस को वापस सौंपी जाएगी.

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