5 बाघों की मौत : गाय की हत्या का बदला लेने के लिए जहर देकर बाघिन और शावकों को मारने वाले दो गिरफ्तारBy Admin Sat, 28 June 2025 07:51 AM









बेंगलुरु- माले महादेवेश्वर हिल्स वन क्षेत्र में बाघिन और उसके चार शावकों की मौत के सनसनीखेज मामले में वन विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने बदले की भावना से मांस में जहर मिलाया था, क्योंकि बाघिन ने उनकी गाय को मार डाला था।

आरोपियों की पहचान माडा उर्फ माडुराजू और नागराजू के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में तीन अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है।

आरोपियों के मुताबिक, बाघिन ने ‘केन्ची’ नाम की उनकी गाय को मार डाला था। इस घटना से नाराज माडुराजू ने नागराजू से दुख साझा किया और दोनों ने मिलकर बाघिन और उसके शावकों को मारने की साजिश रची।

उन्होंने बाजार से कीटनाशक खरीदा, जंगल में पहुंचे और मरी हुई गाय का शव ढूंढ निकाला। इसके मांस में उन्होंने कीटनाशक मिला दिया।

अगले दिन बाघिन और उसके चार शावकों ने उस मांस को खा लिया और उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि माडुराजू ने बाघों की मौत पर खुशी जाहिर की और यहां तक कि उसका जश्न भी मनाया।

पुलिस के अनुसार, बाघों की मौत के बाद माडुराजू फरार हो गया था। पुलिस ने उसे कोप्पा गांव से गिरफ्तार किया।

इससे पहले पुलिस ने माडुराजू के पिता शिवन्ना को हिरासत में लिया था। बेटे को बचाने के लिए शिवन्ना ने झूठी कबूली दी थी कि उसने बाघों को जहर दिया था। लेकिन असली आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके कबूलनामे के बाद पुलिस ने अब शिवन्ना का नाम केस से हटा दिया है।

इधर, सरकार ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (APCCF) और ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन के नोडल अधिकारी कुमार पुष्कर को टीम प्रमुख नियुक्त किया है। उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) की जगह ली है।

जांच टीम में मुख्य वन संरक्षक टी. हीरालाल, एपीसीसीएफ श्रीनिवासुलु, एनटीसीए प्रतिनिधि मल्लेशप्पा, मैसूरु चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. शशिधर और वन्यजीव विशेषज्ञ एवं कार्यकर्ता संजय गुब्बी शामिल हैं।

गौरतलब है कि बाघिन और उसके चार शावकों की संदिग्ध मौत की घटना गुरुवार को सामने आई थी। उनके शव हुग्यं रेंज के मीनीयम जंगल में मिले थे।

सूत्रों के मुताबिक, बाघिन ने गाय को मारकर जंगल में खींच लिया था। बाघिन और शावकों ने आंशिक रूप से उसका मांस खाया था। बाद में जब वे फिर से मांस खाने लौटे तो जहर मिले मांस के कारण उनकी मौत हो गई।

 

With inputs from IANS

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