दक्षिण कोरिया ने दुनिया की दूसरी सबसे तेज 370 किमी/घंटा हाई-स्पीड ट्रेन की तकनीक विकसित कीBy Admin Mon, 22 December 2025 04:50 AM









सियोल- दक्षिण कोरिया की सरकार ने अगली पीढ़ी की हाई-स्पीड ट्रेन के लिए आवश्यक प्रमुख तकनीकों का विकास पूरा कर लिया है, जो 370 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से परिचालन में सक्षम होगी। परिवहन मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि परिचालन गति के लिहाज से यह ट्रेन दुनिया की दूसरी सबसे तेज हाई-स्पीड ट्रेन होगी।

इस प्रस्तावित ट्रेन को ईएमयू-370 (EMU-370) नाम दिया गया है, जिसकी तकनीकी रूप से डिजाइन की गई अधिकतम गति 407 किलोमीटर प्रति घंटा है। मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन का विकास एक राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) कार्यक्रम के तहत किया गया है। यह जानकारी योनहाप समाचार एजेंसी ने दी।

सरकार की योजना अगले वर्ष इस ट्रेन के पहले कोचों का निर्माण शुरू करने की है। इसके बाद वर्ष 2030 से परीक्षण संचालन किया जाएगा, जबकि 2031 के बाद इसके व्यावसायिक परिचालन की उम्मीद है।

व्यावसायिक रूप से शुरू होने पर ईएमयू-370, चीन की सीआर450 ट्रेन के बाद दुनिया में दूसरी सबसे तेज परिचालन गति वाली हाई-स्पीड ट्रेन होगी। चीन की सीआर450 ट्रेन इस समय 400 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर परीक्षण के दौर से गुजर रही है और इसके 2027 में व्यावसायिक सेवा में आने की योजना है।

मंत्रालय के अनुसार, फ्रांस, जर्मनी और जापान जैसे प्रमुख देश फिलहाल लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हाई-स्पीड ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं।

यह परियोजना अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक चली और इसका नेतृत्व कोरिया रेलरोड रिसर्च इंस्टीट्यूट ने किया। इसमें सात सार्वजनिक और निजी संस्थानों ने भाग लिया।

इस परियोजना पर कुल 22.5 अरब वॉन (लगभग 15.23 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का निवेश किया गया, जिसमें 18 अरब वॉन सरकार की ओर से और 4.5 अरब वॉन निजी क्षेत्र की ओर से लगाए गए।

इस बीच, दक्षिण कोरिया युद्धग्रस्त यूक्रेन के पुनर्निर्माण में एक “रणनीतिक साझेदार” बन सकता है। यूरोपीय देश के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही और हाई-स्पीड रेल, स्मार्ट मोबिलिटी और हरित ऊर्जा तकनीकों में सियोल की क्षमताओं को रेखांकित किया, जिन्हें यूक्रेन के बुनियादी ढांचे के रूपांतरण के लिए अहम बताया गया।

यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री और पुनर्स्थापन मंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने कहा कि देश को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़े पैमाने पर विनाश का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि 3 लाख से अधिक इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकी हैं और केवल परिवहन क्षेत्र के पुनर्निर्माण पर ही लगभग 78 अरब अमेरिकी डॉलर का खर्च अनुमानित है।

हाल ही में सियोल की कार्यकारी यात्रा के दौरान, कुलेबा ने कोरिया के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक और आर्थिक विकास सहयोग कोष (ईडीसीएफ) के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान यूक्रेन की योजना के तहत कोरिया में निर्मित 20 हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ट्रेनों की खरीद के लिए वित्तपोषण पर चर्चा की गई।

 

With inputs from IANS

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