ट्रंप ने चीन को टैक्स, चिप कंट्रोल और अमेरिकी ‘ट्रिलियंस’ कमाई से जोड़ाBy Admin Thu, 04 December 2025 06:40 AM









वाशिंगटन- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को अपनी सरकार की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का प्रमुख केंद्र बताया, यह दावा करते हुए कि टैरिफ, तकनीकी नियमों की कड़ाई और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से अमेरिका “दुनिया का सबसे गर्म (तेजी से बढ़ता) देश” बन गया है।

बुधवार (स्थानीय समय) को ओवल ऑफिस में बाइडेन-युग के ऑटो-एफिशिएंसी नियमों को वापस लेते हुए ट्रंप ने लगातार चीन का उल्लेख किया—चाहे बात व्यापार की हो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की, सेमीकंडक्टर नियंत्रण की, या फिर उनकी टैरिफ नीति पर चल रहे मुकदमों की।

ट्रंप ने सांसदों और उद्योग प्रतिनिधियों से कहा कि अमेरिका रणनीतिक तकनीकों में बीजिंग से आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा, “AI में हम चीन से आगे हैं। हम सभी से आगे हैं। हम हर चीज़ में आगे हैं।”

उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से अमेरिका में औद्योगिक निवेश की नई लहर आई है। “हम दुनिया का सबसे गर्म देश हैं। एक साल पहले हमारा देश मृत जैसा था, और अब दुनिया में सबसे गर्म है,” उन्होंने कहा।

टैरिफ को बताया विकास का इंजन
ट्रंप ने कहा, “यह (टैरिफ) ट्रिलियंस डॉलर की संपत्ति ला रहा है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा ला रहा है।” उन्होंने टैरिफ को भू-राजनीतिक हथियार बताते हुए कहा, “मैंने आठ युद्ध रोके हैं, जिनमें से पाँच टैरिफ और व्यापार के कारण रुके।”

एक अदालत में चल रहे टैरिफ-चुनौती मामले पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी, यह आरोप लगाते हुए कि मुकदमा लाने वाले “विदेशी देशों, जिनमें चीन भी शामिल है,” के लिए काम करते हैं। ट्रंप ने कहा, “मेरी राय में वे घटिया लोग हैं।”

टैरिफ राजस्व को लेकर सरकारी अधिकारियों की “उलझन” का किस्सा बताते हुए ट्रंप ने कहा, “दूसरे दिन 30 बिलियन डॉलर आए—कहां से आए? मैंने कहा, टैरिफ का शेल्फ देखो।”
बाद में अधिकारियों ने स्वीकार किया, “सर, आप सही थे। यह टैरिफ से आया।”

चिप्स और AI पर चीन को चेतावनी का संदेश
चीन-अमेरिका तकनीकी प्रतिस्पर्धा के केंद्र में सेमीकंडक्टर्स भी आए। NVIDIA के CEO के साथ एक्सपोर्ट कंट्रोल पर बातचीत के सवाल पर ट्रंप ने कहा, “वह बहुत अच्छी तरह जानते हैं।”

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में चिप उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। “दो साल पहले हमारे पास लगभग कुछ नहीं था, और अब हम चिप उद्योग का बड़ा हिस्सा होने जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि टैरिफ नीति के कारण चिप निर्माता अमेरिका में निर्माण करने को मजबूर होंगे। “उन्हें यहीं बनाना होगा, वरना उन्हें टैरिफ भरने पड़ेंगे।”

एक अन्य बातचीत में, कार डीलरों द्वारा बताए गए “माइलेज ब्लॉकर” उपकरण का जिक्र भी आया, जिसके बारे में कहा गया कि यह चीन से सप्लाई हो रहा है। ट्रंप ने चकित होकर कहा, “वाह, मैंने कभी नहीं सुना।”

औद्योगिक नीति का आधार: चीन पर टैरिफ
ट्रंप ने कहा, “हम ट्रिलियंस डॉलर ले रहे हैं। हम युद्ध रोक रहे हैं। हमारे पास टैरिफ की वजह से महान राष्ट्रीय सुरक्षा है।”

उन्होंने दावा किया कि चीन से प्रतिस्पर्धा के कारण जो अमेरिकी ऑटो उद्योग पहले विदेश जा रहा था, अब वापस आ रहा है। “वे मैक्सिको और कनाडा छोड़ रहे हैं,” उन्होंने कहा।

अमेरिका-चीन आर्थिक तनाव टैरिफ, तकनीकी ट्रांसफर, सप्लाई-चेन सुरक्षा और सेमीकंडक्टर एक्सपोर्ट कंट्रोल को लेकर लगातार बढ़ रहा है।
2018 में ट्रंप प्रशासन ने चीनी सामानों पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिससे बदले में चीन ने भी जवाबी कार्रवाई की और वैश्विक कंपनियों ने उत्पादन रणनीतियों पर पुनर्विचार शुरू किया।

ट्रंप प्रशासन ने चीन के लिए उन्नत चिप्स और AI हार्डवेयर के निर्यात पर भी कड़ी पाबंदियाँ लगाई हैं, और देश में चिप उत्पादन को तेज करने के लिए इंसेंटिव और री-शोरिंग नीतियों पर जोर दिया है।

 

With inputs from IANS

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