दुनियाभर के इमिग्रेशन काउंटरों पर बांग्लादेशी पासपोर्ट बना बड़ी परेशानीBy Admin Sat, 10 January 2026 06:32 AM









ढाका- दुनिया के कई देशों में बांग्लादेशी यात्रियों के लिए हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। वैध वीज़ा और सभी जरूरी दस्तावेज़ होने के बावजूद हजारों बांग्लादेशी नागरिकों को एयरपोर्ट पर प्रवेश से वंचित किया जा रहा है और उन्हें वापस भेज दिया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2024 में बांग्लादेश में हुए प्रदर्शनों और उसके बाद पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता के बाद से स्थिति और खराब हुई है। इस अशांति के चलते कई विदेशी सरकारें बांग्लादेश को संभावित शरणार्थियों के स्रोत के रूप में देखने लगी हैं, जिसके परिणामस्वरूप वीज़ा जांच प्रक्रिया और अधिक सख्त कर दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार वेबसाइट ग्लोबल वॉयसेज़ की एक रिपोर्ट में कहा गया है, “कभी लाखों लोगों के लिए उम्मीद और अवसर का प्रतीक रहा हरा बांग्लादेशी पासपोर्ट अब दुनिया भर के इमिग्रेशन काउंटरों पर एक बोझ बन गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों के एयरपोर्ट्स पर रोज़ जो हो रहा है, वह सिर्फ प्रवासन संकट नहीं, बल्कि भरोसे, प्रशासन और मानवीय गरिमा के टूटने की तस्वीर है। वैध वीज़ा होने के बावजूद हजारों बांग्लादेशी नागरिकों को बिना स्पष्ट कारण हिरासत में लिया जा रहा है और डिपोर्ट किया जा रहा है।”

रिपोर्ट में बताया गया कि केवल 2025 के पहले चार महीनों में ही 3,500 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को अन्य देशों में प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया गया। इनमें से अधिकांश न तो अपराधी थे और न ही इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन करने वाले। कई लोगों के पास विधिवत तरीके से प्राप्त किए गए पर्यटक या विज़िटर वीज़ा थे।

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ यह कार्रवाई केवल दक्षिण-पूर्व एशिया तक सीमित नहीं रही। सितंबर 2025 के अंत में इटली, ऑस्ट्रिया, ग्रीस और साइप्रस से 52 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया, जबकि पिछले साल 30 अगस्त को यूनाइटेड किंगडम से भी 15 बांग्लादेशी नागरिकों को इमिग्रेशन उल्लंघन के आरोप में वापस भेजा गया था।

रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अस्थायी वीज़ा का इस्तेमाल रोजगार की तलाश के लिए करने की प्रवृत्ति ने बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक ताने-बाने और अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाया है।

इसमें कहा गया है कि कई खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों ने या तो बांग्लादेशी श्रमिकों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है या फिर इसे बेहद सीमित कर दिया है। इन बाजारों के दोबारा खुलने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है, और कूटनीतिक बातचीत तथा उच्चस्तरीय बैठकों के बावजूद बांग्लादेश को बहुत कम सफलता मिली है।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 में बांग्लादेश को 100वां स्थान मिला है, जो हाल के वर्षों में उसकी सबसे खराब रैंकिंग है। इस सूची में बांग्लादेश का स्थान उत्तर कोरिया के बराबर रहा, जो देश की वैश्विक छवि में आई भारी गिरावट को दर्शाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “वीज़ा उल्लंघन, अनधिकृत ठहराव और दस्तावेज़ों की जालसाजी से जुड़े बांग्लादेशी नागरिकों के मामले अब एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व में आम हो गए हैं। जिन देशों ने पहले बांग्लादेशी यात्रियों का स्वागत किया था, वे अब प्रवेश के लिए सख्त नियम लागू कर रहे हैं।”

रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड ने अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रियाएं लागू की हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पिछले साल चुपचाप बांग्लादेशियों के लिए अधिकांश वीज़ा श्रेणियों को रोक दिया था। रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ये नीतिगत बदलाव अलग-अलग दिखते हों, लेकिन मिलकर ये अंतरराष्ट्रीय भरोसे को कमजोर कर रहे हैं, जो किसी भी पासपोर्ट की ताकत तय करता है।

 

With inputs from IANS

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