व्हाइट हाउस वार्ता से पहले ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में मतभेदBy Admin Wed, 14 January 2026 03:16 AM









वॉशिंगटन- ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में गहरे मतभेद उभर आए हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है, जब डेनमार्क और आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड के वरिष्ठ अधिकारी इस सप्ताह व्हाइट हाउस में बातचीत करने वाले हैं। ये वार्ताएं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों और धमकियों की पृष्ठभूमि में हो रही हैं।

डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्ज़फेल्ट बुधवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस में होने वाली इस बैठक को लेकर अमेरिका के सहयोगी देशों में ट्रंप की ग्रीनलैंड संबंधी टिप्पणियों के कारण असहजता बढ़ी हुई है।

मंगलवार को कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद जिमी गोमेज़ ने ‘ग्रीनलैंड सॉवरेनिटी प्रोटेक्शन एक्ट’ पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य संघीय धन का उपयोग ग्रीनलैंड पर आक्रमण, विलय, खरीद या किसी अन्य तरीके से उसे हासिल करने से रोकना है।

गोमेज़ ने कहा, “ग्रीनलैंड न तो बिक्री के लिए है, न ही विजय के लिए और न ही सौदेबाजी का कोई मोहरा।” उन्होंने चेतावनी दी कि किसी सहयोगी देश को धमकाना अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर करता है और नाटो के लिए खतरा पैदा करता है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक कांग्रेस को ट्रंप की “साम्राज्यवादी कल्पनाओं” के लिए धन देने से रोकेगा।

इस प्रस्ताव के तहत, ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने या वित्तीय निवेश के लिए भी तब तक फंड नहीं दिया जा सकेगा, जब तक कांग्रेस की स्पष्ट मंजूरी न हो। इसके अलावा, ग्रीनलैंड के लोगों के राजनीतिक निर्णयों को प्रभावित करने के लिए अमेरिकी फंड से किसी भी प्रकार के प्रभाव अभियान पर रोक लगाई जाएगी। किसी भी अपवाद के लिए नए कानून की आवश्यकता होगी, जिसमें इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लेख हो।

गोमेज़ के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक नाटो या अन्य समझौतों के तहत डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ मौजूदा रक्षा सहयोग को बदलने के लिए नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों से बाहर किसी एकतरफा कार्रवाई को रोकने के लिए है।

इसके विपरीत, एक दिन पहले फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद फाइन ने एक बिल्कुल अलग प्रस्ताव पेश किया। उनके ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ में ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लाने के लिए निर्णायक कदम उठाने की बात कही गई है।

फाइन ने कहा, “ग्रीनलैंड कोई दूरस्थ चौकी नहीं है, जिसे नज़रअंदाज किया जा सके। यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक अहम संपत्ति है।” उन्होंने तर्क दिया कि आर्कटिक शिपिंग मार्गों और अमेरिकी सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर नियंत्रण जरूरी है और चेतावनी दी कि चीन और रूस इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्षों की कमजोर अमेरिकी नीतियों के कारण प्रतिद्वंद्वी देशों को बढ़त मिली है। उनका विधेयक राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में विलय या अधिग्रहण करने के लिए “जो भी कदम आवश्यक हों” उठाने का अधिकार देगा। इसके साथ ही, ग्रीनलैंड को अमेरिकी राज्य के रूप में शामिल करने के लिए आवश्यक कानूनी बदलावों पर कांग्रेस को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

यह टकराव राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयानों के बाद और तेज हो गया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड के पास रूस या चीन के प्रभाव को रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।

ट्रंप ने हाल के दिनों में कहा, “हम ग्रीनलैंड पर कुछ न कुछ करेंगे, चाहे उन्हें पसंद हो या नहीं।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की, तो “रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे।” उन्होंने रक्षा का हवाला देते हुए कहा, “लीज पर ली गई चीज़ों की उसी तरह रक्षा नहीं की जाती, जैसे मालिकाना हक वाली चीज़ों की।”

इसी बीच, सीनेटर क्रिस कून्स के नेतृत्व में द्विदलीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल कोपेनहेगन का दौरा कर रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य डेनमार्क और नाटो के प्रति अमेरिका के समर्थन की पुष्टि करना है। कून्स ने कहा कि यह दौरा दिखाएगा कि अमेरिकी कांग्रेस गठबंधनों और देशों की संप्रभुता के प्रति प्रतिबद्ध है।

 

With inputs from IANS

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