ट्रंप बोले: पुतिन और जेलेंस्की समझौते के इच्छुक, युद्ध बेहद जटिलBy Admin Fri, 23 January 2026 05:21 AM









वॉशिंगटन - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन–रूस युद्ध पर किसी समझौते में अब भी वही जटिल कारक बाधा बने हुए हैं, जिनके कारण पिछले कई महीनों से वार्ता अटकी हुई है। उन्होंने इस संघर्ष को “बेहद जटिल” बताते हुए कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन का युद्ध है।

दावोस से वॉशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “देखिए, यह एक युद्ध है। यह बाइडन का युद्ध है, मेरा नहीं। यह ऐसा युद्ध है जो कभी होना ही नहीं चाहिए था। लेकिन यह जटिल है, क्योंकि इसमें सीमाएं हैं, इलाके हैं, सड़कें हैं, नदियां हैं — सब कुछ है।”

ट्रंप ने कहा कि क्षेत्रीय सीमाओं और भूभाग को लेकर विवाद के चलते लड़ाई लंबी खिंच गई है। “आखिर यह कहां खत्म होगा? इसलिए यह थोड़ा जटिल है,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अन्य संघर्षों को उन्होंने कुछ ही दिनों में सुलझा लिया था, जबकि यह युद्ध लगातार जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, दोनों ही अब समझौते के लिए इच्छुक दिखाई देते हैं, हालांकि उन्होंने किसी ठोस सफलता का अनुमान लगाने से इनकार किया। ट्रंप ने कहा, “मैं कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहा हूं। कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि राष्ट्रपति पुतिन भी समझौता करना चाहते हैं और राष्ट्रपति जेलेंस्की भी।”

ट्रंप के अनुसार, जेलेंस्की उनसे मिलने आए थे और उन्होंने भी समझौते की इच्छा जताई थी। “उन्होंने कहा कि वह डील करना चाहते हैं। क्योंकि सभी को अब पैरामीटर पता हैं। ऐसा नहीं है कि पिछले छह या सात महीनों से चर्चा हो रहे मुद्दों से अलग कुछ नया हो,” ट्रंप ने कहा।

उन्होंने यूक्रेन के भीतर हालात को बेहद कठिन बताया, खासकर सर्दियों के दौरान। ट्रंप ने कहा, “यूक्रेन के लोगों के लिए हालात बहुत मुश्किल हैं। कई जगह लोग कड़ाके की ठंड में बिना हीट के रह रहे हैं। यह जीने का तरीका नहीं है।”

ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि प्रशासन एक ढांचे पर काम कर रहा है और जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। “दो हफ्तों में कुछ सामने आएगा,” उन्होंने कहा और जोड़ा कि “कुछ करने की अच्छी भावना” है। उन्होंने अमेरिका की सैन्य ताकत पर जोर देते हुए कहा, “हमारे पास शानदार सेना है। मैंने एक महान सेना बनाई है।”

वेनेजुएला पर बोलते हुए ट्रंप ने वहां के नेतृत्व की सराहना की और अमेरिका को तेल आपूर्ति का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “50 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल पहले ही अमेरिका आ चुका है या आ रहा है, और आगे और भी आएगा।” ट्रंप ने कहा कि इससे दोनों देशों को फायदा होगा और अमेरिका में कर घटेंगे, जबकि वेनेजुएला की स्थिति भी बेहतर होगी।

जेपी मॉर्गन चेज के प्रमुख जेमी डिमन पर सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि मुकदमे के बाद से उनकी उनसे बात नहीं हुई है और आरोप लगाया कि बैंक ने उनकी सेवाएं बंद कर दी थीं। “उन्होंने मुझे डी-बैंक कर दिया। ऐसा नहीं होना चाहिए,” ट्रंप ने कहा और दावा किया कि उनके पास मजबूत कानूनी आधार है।

ईरान पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य संसाधन तैनात किए हैं, लेकिन वह टकराव से बचना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम उस दिशा में एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेज रहे हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने सामूहिक फांसी को रुकवाया था। “मैंने गुरुवार को 837 फांसी रुकवाईं,” उन्होंने कहा।

ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर पूर्व अमेरिकी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि वह “पूरी तरह से तबाही” थी।

अपने संभावित भविष्य की भूमिका पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि वह मौजूदा कार्यकाल के बाद भी शांति प्रयासों में शामिल रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के जरिए संयुक्त राष्ट्र के साथ भी काम कर सकते हैं, जिसमें “अपार संभावनाएं” हैं।

घरेलू नीति पर ट्रंप ने कहा कि वह घर खरीदने के लिए रिटायरमेंट फंड के इस्तेमाल के पक्ष में नहीं हैं। “मैं इसका बड़ा समर्थक नहीं हूं,” उन्होंने कहा, यह जोड़ते हुए कि रिटायरमेंट फंड का प्रदर्शन मजबूत है।

 

With inputs from IANS

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