रूस-यूक्रेन की तीसरे दौर की वार्ता में कैदियों की अदला-बदली पर सहमति, लेकिन युद्धविराम पर मतभेद बरकरारBy Admin Thu, 24 July 2025 04:10 AM









इस्तांबुल — रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच यहां चिरागन पैलेस में तीसरे दौर की शांति वार्ता हुई, जिसमें कैदियों की अदला-बदली पर सहमति बनी, लेकिन युद्धविराम और राष्ट्रपति स्तर की बैठक को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए।

बुधवार शाम को हुई इस वार्ता में रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रपति के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की ने किया, जबकि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने की।

बैठक तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान की अध्यक्षता में बंद कमरे में आयोजित की गई। यह बैठक एक घंटे से भी कम समय तक चली।

बैठक के बाद प्रेस वार्ता में उमेरोव ने कहा कि यूक्रेन पूर्ण और बिना शर्त युद्धविराम को प्रभावी कूटनीति के लिए आवश्यक आधार मानता है।

उन्होंने कहा,
"हम अभी युद्धविराम के लिए तैयार हैं और सार्थक शांति वार्ता शुरू करना चाहते हैं, अब निर्णय दूसरे पक्ष पर है कि वह इस बुनियादी कदम को स्वीकार करे या नहीं।"

उमेरोव ने यह भी स्पष्ट किया कि युद्धविराम "वास्तविक और निष्पक्ष" होना चाहिए, जिसमें नागरिकों और महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं पर हमलों की पूर्ण समाप्ति हो।

वहीं, वार्ता से पहले मंगलवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि मास्को और कीव के बीच संघर्ष को समाप्त करने को लेकर "कट्टर रूप से विपरीत" दृष्टिकोण हैं और अभी भी "काफी काम बाकी है"।

यूक्रेनी पक्ष ने प्रस्ताव दिया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के बीच अगस्त के अंत तक बैठक आयोजित की जाए, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन की भागीदारी को “विशेष रूप से महत्वपूर्ण” बताया गया।

व्लादिमीर मेडिंस्की ने एक अलग प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि रूस और यूक्रेन प्रत्येक 1,200 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमत हो गए हैं। रूस ने कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेन द्वारा रखे गए 30 नागरिकों की अदला-बदली का भी प्रस्ताव दिया है।

मेडिंस्की ने बताया कि रूस अब तक 7,000 यूक्रेनी सैनिकों के शव लौट चुका है और 3,000 और शव लौटाने के लिए तैयार है। उन्होंने यूक्रेन से मृत रूसी सैनिकों के शवों की वापसी की भी मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि रूस ने यूक्रेन को राजनीतिक, मानवीय और सैन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए तीन ऑनलाइन कार्य समूह गठित करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही उन्होंने 24 से 48 घंटे के सीमित युद्धविराम की भी मांग की है ताकि घायल सैनिकों को निकाला जा सके और मृतकों के शव बरामद किए जा सकें।

जहां तक पुतिन-जेलेंस्की बैठक का सवाल है, मेडिंस्की ने कहा कि “इस पर विचार तभी किया जाएगा जब कुछ आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी।”

इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने वार्ता के बाद सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि आज कैदियों की अदला-बदली का नौवां चरण पूरा हुआ, जिसमें 1,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिक शामिल थे, जिनमें कई गंभीर रूप से बीमार और घायल लोग थे।

उन्होंने लिखा,
"यह जरूरी है कि यह प्रक्रिया जारी रहे।"

तुर्की के विदेश मंत्री फिदान ने वार्ता की शुरुआत में दोनों पक्षों से अपील की कि वे युद्धविराम और शांति स्थापना की दिशा में परिणामोन्मुख वार्ता करें।

उन्होंने कहा,
"हमारा लक्ष्य है कि यह खूनी युद्ध, जिसने भारी कीमत चुकाई है, जल्द से जल्द समाप्त हो।"

गौरतलब है कि इससे पहले इस्तांबुल में 16 मई और 2 जून को हुई दो दौर की वार्ताओं में हजारों युद्धबंदियों और मृत सैनिकों के शवों का आदान-प्रदान हुआ था, लेकिन युद्धविराम के मुद्दे पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई थी।

 

With inputs from IANS

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