चीनी विदेश मंत्री वांग यी आज भारत आएंगे, जयशंकर और डोभाल से करेंगे अहम वार्ता; ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बीच दौरे को महत्वBy Admin Mon, 18 August 2025 06:16 AM









नई दिल्ली- चीनी विदेश मंत्री वांग यी सोमवार से भारत की दो दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे, जिसके दौरान वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अहम द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

हालांकि उनका यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया है और रूसी तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क भी लगाया है।

वांग यी की इस यात्रा के दौरान भारत और चीन सीमा पर स्थायी शांति और विश्वास बहाली के लिए नए उपायों पर चर्चा कर सकते हैं। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महीने के अंत में प्रस्तावित चीन यात्रा से पहले हो रहा है।

2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद तनावपूर्ण रिश्तों को पटरी पर लाने के प्रयासों के हिस्से के रूप में वांग यी का यह दौरा देखा जा रहा है। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि (एसआर) संवाद का नया दौर भी करेंगे।

चीनी विदेश मंत्री सोमवार शाम करीब 4:15 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और शाम 6 बजे विदेश मंत्री जयशंकर से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। मंगलवार सुबह 11 बजे उनका एनएसए डोभाल के साथ विशेष प्रतिनिधि संवाद निर्धारित है।

इन बैठकों में सीमा स्थिति, व्यापार और दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाएं बहाल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद मंगलवार शाम 5:30 बजे वांग यी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात करेंगे।

यह बैठक खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि कुछ ही दिनों बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन की तिआनजिन यात्रा पर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

हालांकि दोनों देशों ने सीमा के कई विवादित स्थानों से सैनिक हटा लिए हैं, लेकिन अब भी पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर प्रत्येक पक्ष के 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।

योजना के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त के आसपास जापान की यात्रा करेंगे और फिर चीन के उत्तरी शहर तिआनजिन जाएंगे।

डिसंबर 2024 में एनएसए डोभाल चीन गए थे और वांग यी से सीमा वार्ता की थी। यह वार्ता प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रूस के कज़ान शहर में हुई मुलाकात के बाद शुरू की गई संवाद प्रक्रिया का हिस्सा थी।

दोनों देशों ने संबंध सुधारने के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और चीनी नागरिकों के लिए भारत में पर्यटक वीज़ा जारी करना शामिल है। दोनों पक्ष सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं, जिन्हें कोविड-19 महामारी और सीमा विवाद के बाद 2020 में निलंबित कर दिया गया था।

बीते दो महीनों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री जयशंकर भी एससीओ बैठकों में भाग लेने के लिए चीन का दौरा कर चुके हैं।

 

With inputs from IANS

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