
रांची: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय CBI जांच कराने की मांग की है। परिषद ने कहा कि जांच के लिए गठित SIT में बार-बार बदलाव से उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का भरोसा कायम रखने के लिए CBI जांच आवश्यक है।
अभाविप ने JPSC और JSSC से जुड़ी संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। परिषद ने विशेष रूप से JSSC CGL परीक्षा की शुचिता पर उठ रहे सवालों के मद्देनजर इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है।
परिषद के मुताबिक, 30-31 जुलाई से वह विद्यार्थियों के आंदोलन के साथ खड़ी है। जिला और प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन किए गए। अभाविप का आरोप है कि 10 अगस्त को प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जबकि 11 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान भी विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया गया और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं। परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि रांची आ रहे विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर रोकने का प्रयास किया गया।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि JSSC CGL परीक्षा की शुचिता पर गंभीर संदेह है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने संस्थागत सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मांगों का समाधान करने के बजाय लगातार लाठीचार्ज और गिरफ्तारी करना सरकार के विद्यार्थी विरोधी रवैये को दर्शाता है। अभाविप आगामी दिनों में प्रदेशभर में जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से मिलकर मामले को उठाएगी। प्रत्येक जिले और परिसर में आंदोलन एवं अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही देशभर की विद्यार्थी शक्ति को झारखंड के विद्यार्थियों के न्याय के लिए लामबंद किया जाएगा।
अभाविप झारखंड के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि विद्यार्थी लंबे समय से JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। सरकार को विद्यार्थियों की आवाज दबाने के बजाय CBI से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। न्याय मिलने तक अभाविप आंदोलन जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
परिषद ने कहा कि विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों को लाठीचार्ज, गिरफ्तारी या प्रशासनिक कार्रवाई से दबाया नहीं जा सकता। दोषियों पर कार्रवाई और विद्यार्थियों को न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।