कृतिका कामरा: सिर्फ़ ‘विज़िबल’ रहने के लिए प्रोजेक्ट्स करने में कभी दिलचस्पी नहीं रहीBy Admin Wed, 26 November 2025 06:51 AM









मुंबई- अभिनेत्री कृतिका कामरा ने कहा है कि वह कभी भी सिर्फ़ दिखते रहने या ‘रैट रेस’ का हिस्सा बनने के लिए प्रोजेक्ट्स नहीं करतीं। बंबई मेरी जान, ग्यारह ग्यारह, भीड़ और उनकी आने वाली फ़िल्म सारे जहाँ से अच्छा में अभिनय कर चुकी कृतिका का मानना है कि उनके हर किरदार में उद्देश्य और गहराई होना ज़रूरी है।

कृतिका ने कहा, “मैंने कभी भी रैट रेस का हिस्सा बनने या सिर्फ़ दिखने के लिए प्रोजेक्ट्स करने में दिलचस्पी नहीं ली है। मेरे लिए हर रोल का एक मकसद होना चाहिए, उसमें गहराई होनी चाहिए। मैं ऐसे काम का इंतज़ार करना पसंद करती हूं जो मुझे चुनौती दे और एक कलाकार के रूप में मुझे आगे बढ़ाए, बजाय उन चीज़ों के जो मेरी यात्रा में कोई मूल्य न जोड़ें।”

उन्होंने आगे कहा, “विज़िबिलिटी तो फीकी पड़ जाती है, लेकिन अच्छा काम लोगों के साथ रह जाता है। मैं अपनी पसंदों के लिए याद की जाना चाहती हूं, न कि इस बात के लिए कि मैं स्क्रीन पर कितनी बार नज़र आती हूं।”

जटिल और परतदार किरदार निभाने के लिए जानी जाने वाली कृतिका टीवी से ओटीटी और फिर फ़िल्मों की ओर लगातार सफलतापूर्वक बढ़ी हैं। भीड़ की कठोर यथार्थवादी कहानी, बंबई मेरी जान का पीरियड ड्रामा, और ग्यारह ग्यारह की रहस्यपूर्ण कथा—ये सब उनकी सोच-समझकर चुनी गई भूमिकाओं का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा, “मैं किसी भी प्रोजेक्ट को हां कहने से पहले समय लेती हूं। मैं ऐसी कहानियाँ ढूंढती हूं जो मुझसे बात करें, ऐसे रोल जो कुछ ठोस पेश करें, और ऐसी टीमें जो दबाव नहीं बल्कि जुनून से काम करती हों। मुझे खुशी है कि आज का दर्शक स्टारडम से ज़्यादा ईमानदारी और अच्छी कहानी को महत्व देता है। इसी बदलाव ने हम जैसे कलाकारों को असली होने की आज़ादी दी है।”

कृतिका अब अनुषा रिज़वी के निर्देशन में एक नए प्रोजेक्ट की तैयारी कर रही हैं। दिल्ली में आधारित यह अनाम प्रोजेक्ट एक साधारण परिवार की कहानी है, जो पीढ़ियों के बीच की दूरी, अपनापन और बहनापे (सिस्टरहुड) को हल्के हास्य और भावनात्मक सादगी के साथ प्रस्तुत करती है।

इस फ़िल्म में जुही बब्बर और श्रेया धनवन्तरि जैसी महिला प्रतिभाएँ भी शामिल हैं। इसका व्यापक शूट दिल्ली में हुआ है और फ़िलहाल यह पोस्ट-प्रोडक्शन में है।

इसके अलावा कृतिका मटका किंग में भी नज़र आएंगी, जिसमें विजय वर्मा मुख्य भूमिका में हैं। सैराट और फैंड्री के निर्देशक नागराज मंजुले द्वारा निर्देशित यह सीरीज़ 1960 के दशक के मुंबई के अंडरवर्ल्डनुमा जुए की दुनिया पर आधारित है।

मटका किंग एक ऐसे कॉटन ट्रेडर की कहानी है, जिसने ‘मटका’ नाम का नया जुआ खेल शुरू किया और उसे आम लोगों तक पहुंचाकर उस दुनिया को लोकतांत्रिक बना दिया, जो पहले सिर्फ़ अमीरों और खास वर्ग तक सीमित थी।

इस सीरीज़ में साई ताम्हणकर, गुलशन ग्रोवर और सिद्धार्थ जाधव सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अभय कोराने और नागराज मंजुले द्वारा लिखित यह प्रोजेक्ट सिद्धार्थ रॉय कपूर, मंजुले, गर्गी कुलकर्णी, आशीष आर्यन और अश्विनी सिदवानी द्वारा रॉय कपूर फ़िल्म्स के बैनर तले निर्मित किया गया है।

 

With inputs from IANS

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