

Ranchi: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर सीधा निशाना साधा है। अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिए उन्होंने छात्रों के आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पूरे विवाद पर सरकार से कई सवाल किए हैं।
रघुवर दास ने सबसे पहले आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना छात्रों का अधिकार है और सरकार को उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों की शिकायतों के बावजूद गड़बड़ी की आशंका पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनके मुताबिक परीक्षा रद्द कर देना समस्या का पूरा समाधान नहीं है, क्योंकि इससे उन अभ्यर्थियों का भविष्य भी प्रभावित होता है, जिन्होंने बिना किसी गलती के वर्षों तक तैयारी की है।
रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में सरकारी नौकरी लाखों युवाओं के लिए उम्मीद का बड़ा आधार है। गांवों से निकलकर युवा वर्षों तक कोचिंग और लाइब्रेरी में तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने से सिर्फ एक परीक्षा नहीं जाती, बल्कि उम्र बढ़ने, आर्थिक दबाव और वर्षों की मेहनत बेकार होने का डर भी सामने आता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आगे की परीक्षाओं के लिए स्पष्ट परीक्षा कैलेंडर बनाया जाए और पूरी भर्ती प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी हो। साथ ही निष्पक्ष जांच और पारदर्शी मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
रघुवर दास ने कहा कि इस पूरे मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के अलावा कई सामाजिक संगठन और छात्र भी इसकी मांग कर रहे हैं। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया।
