JBVNL के कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतन पर विवाद, ‘हाईली स्किल्ड’ श्रेणी में रखने की मांगBy Mid Time Bureau Fri, 23 October 2026 01:41 PM

रांची, 23 अक्टूबर 2026। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतन में कथित असमानता का मामला सामने आया है। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने कर्मचारियों के कौशल और जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतन देने की मांग उठाई है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने इस संबंध में निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को ईमेल के जरिए विस्तृत ज्ञापन भेजा है।

संघ की प्रमुख मांग है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों को मौजूदा ‘स्किल्ड’ श्रेणी से हटाकर ‘हाईली स्किल्ड’ श्रेणी में शामिल किया जाए और लागू नियमों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित हो। इसके साथ ही निगम के पेरोल पर काम करने वाले कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मियों के वेतन में अंतर की समीक्षा करने की मांग भी की गई है।

समान काम के बावजूद वेतन में अंतर पर सवाल

अजय राय के मुताबिक, एक ही निगम में समान योग्यता, कार्यस्थल और जिम्मेदारियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में केवल नियुक्ति के तरीके के आधार पर अंतर होना उचित नहीं है। संघ ने प्रबंधन से इस असमानता के कारणों की निष्पक्ष जांच करने और कर्मचारियों के वास्तविक कार्य के आधार पर पारिश्रमिक निर्धारित करने की मांग की है।

संघ का कहना है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों की जिम्मेदारियां केवल टाइपिंग या सामान्य डाटा एंट्री तक सीमित नहीं हैं। ये कर्मचारी टेक्निकल विंग, वर्क एंड मैटेरियल मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट विंग, फाइनेंस एंड अकाउंट्स, कमर्शियल एवं रेवेन्यू और एचआर व एस्टैब्लिशमेंट जैसे महत्वपूर्ण विभागों में काम करते हैं।

इनकी जिम्मेदारियों में SAP ERP, एडवांस्ड एक्सेल, MIS रिपोर्ट तैयार करना, डाटा का सत्यापन, रिकॉर्ड का मिलान, बिलिंग और राजस्व से संबंधित दस्तावेजों का प्रबंधन, टेंडर से जुड़े कागजात, विभागीय रिपोर्ट और आधिकारिक पत्राचार जैसे कार्य शामिल हैं।

संघ के अनुसार, काम की तकनीकी प्रकृति और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को देखते हुए उनकी कौशल श्रेणी का नए सिरे से आकलन किया जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्हें ‘हाईली स्किल्ड’ श्रेणी में शामिल करने पर निर्णय लेने की मांग की गई है।

नियमों और न्यायिक फैसलों का दिया हवाला

CMD को भेजे गए ज्ञापन में संघ ने Code on Wages (Jharkhand) Rules, 2021 के प्रावधानों का उल्लेख किया है। इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों से संबंधित Vibha Lal, Bhaskar Nandan, Premchand Binod Tete, Narendra Kumar और Bipta Oraon के मामलों का संदर्भ भी दिया गया है।

ज्ञापन में समान कार्य और पारिश्रमिक से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के State of Punjab बनाम Jagjit Singh फैसले का भी उल्लेख किया गया है। संघ ने इन कानूनी प्रावधानों और न्यायिक निर्णयों के आधार पर कर्मचारियों की योग्यता, अनुभव, कार्य-प्रकृति, कौशल और जिम्मेदारियों का तुलनात्मक मूल्यांकन करने की मांग की है।

वेतन अंतर दूर करने और बकाया भुगतान पर फैसला लेने की मांग

झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने मांग की है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों को ‘हाईली स्किल्ड’ श्रेणी में रखकर लागू अधिसूचना के मुताबिक न्यूनतम मजदूरी दी जाए। साथ ही, निगम के नियमित पेरोल और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के पदनाम, योग्यता, कार्यावधि, कार्यस्थल, जिम्मेदारियों और कार्य निष्पादन की तुलना कर वेतन में मौजूद अनुचित अंतर को दूर किया जाए।

संघ ने पात्रता और लागू नियमों के अनुसार लाभ दिए जाने की प्रभावी तिथि तय करने तथा पिछली अवधि के वेतन अंतर पर भी निर्णय लेने की मांग की है।

CMD से समयबद्ध निर्णय और बैठक की मांग

अजय राय ने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटर निगम की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में उनके कौशल और जिम्मेदारियों के अनुरूप पारिश्रमिक तय करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय प्रबंधन को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

संघ ने CMD से आग्रह किया है कि संबंधित तथ्यों, लागू नियमों और न्यायिक फैसलों की समीक्षा के बाद सक्षम प्राधिकारी की ओर से स्पष्ट, कारणयुक्त और समयबद्ध आदेश जारी किया जाए। इसके साथ ही संघ के प्रतिनिधियों के साथ जल्द बैठक आयोजित कर मांगों पर चर्चा करने और लिए गए फैसले व उनके क्रियान्वयन की जानकारी लिखित रूप में देने की मांग की गई है।

अजय राय ने कहा कि झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ कर्मचारियों के सम्मान, उचित वेतन और उनके अधिकारों के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। अब निगम प्रबंधन की ओर से इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर कर्मचारियों की नजर रहेगी।