HPV Vaccination Campaign: भारत में 80 लाख से ज्यादा लड़कियों को लगी HPV वैक्सीन, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में बड़ी पहलBy IANS Sat, 12 September 2026 04:27 PM

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भारत ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में अपने राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। फरवरी 2026 में अभियान शुरू होने के बाद से देशभर में 80 लाख से अधिक Human Papillomavirus (HPV) वैक्सीन की डोज दी जा चुकी हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय के अनुसार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम अपने-अपने चिन्हित लक्षित लाभार्थियों के बीच 100 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज हासिल कर चुके हैं। वहीं बिहार, आंध्र प्रदेश और असम में 90 प्रतिशत से अधिक लक्षित आबादी को वैक्सीन दी जा चुकी है।

कर्नाटक में 85 प्रतिशत से अधिक कवरेज दर्ज किया गया है, जबकि छत्तीसगढ़, सिक्किम, केरल, तेलंगाना और ओडिशा में टीकाकरण कवरेज 60 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है।

14 साल की लड़कियों के लिए मुफ्त HPV वैक्सीन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2026 में देशव्यापी राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत 14 वर्ष की लड़कियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर अभिभावकों की सहमति से HPV वैक्सीन की एक खुराक मुफ्त दी जा रही है।

रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) के 2021 के अनुमानों के अनुसार, देश में हर वर्ष करीब 1.2 करोड़ लड़कियां 14 वर्ष की आयु की श्रेणी में आती हैं। इस तरह यह अभियान हर साल बड़ी संख्या में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी अभियान को मिली गति

मंत्रालय ने कहा कि असम सहित पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में अभियान की प्रगति से पता चलता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य नेटवर्क और जमीनी स्तर पर समन्वित प्रयास किस तरह भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी टीकाकरण की पहुंच बढ़ा सकते हैं।

अभियान को सफल बनाने में बाल रोग विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों और AIIMS जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ-साथ शिक्षकों और आशा (ASHA) तथा एएनएम (ANM) जैसी फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने में योगदान दिया है।

U-WIN से टीकाकरण की निगरानी

राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान में भारत के डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। U-WIN प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यक्रम प्रबंधक जिला स्तर पर टीकाकरण की स्थिति पर नजर रख सकते हैं।

इस डिजिटल व्यवस्था की मदद से उन क्षेत्रों की पहचान करना आसान हो रहा है जहां टीकाकरण कवरेज कम है या पात्र लाभार्थी छूट गए हैं। इससे राज्यों और जिलों को अभियान की बेहतर योजना बनाने तथा जरूरत के अनुसार संसाधनों का प्रभावी आवंटन करने में भी मदद मिल रही है।

दुनिया में HPV वैक्सीन का बढ़ रहा इस्तेमाल

मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में 87 प्रतिशत उच्च-मध्यम आय वाले देशों, 78 प्रतिशत निम्न-मध्यम आय वाले देशों और 54 प्रतिशत निम्न आय वाले देशों ने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में HPV वैक्सीन को शामिल किया है।

भारत का राष्ट्रीय अभियान भी इसी वैश्विक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य HPV संक्रमण से जुड़ी बीमारियों, विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर के बोझ को कम करना है।

सरकारी केंद्रों पर प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों की निगरानी में टीकाकरण

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभियान के तहत सभी टीकाकरण सत्र प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों की निगरानी में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किए जा रहे हैं।

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को 24×7 स्वास्थ्य सुविधाओं से भी जोड़ा गया है, ताकि टीकाकरण के बाद होने वाली किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल घटना (AEFI) की स्थिति में समय पर जांच, निगरानी और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

अब शेष पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने पर जोर

HPV टीकाकरण अभियान अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार का मुख्य जोर उन पात्र लड़कियों तक पहुंचने पर है, जिन्हें अभी तक वैक्सीन नहीं लग सकी है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों और समुदायों के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने, टीकाकरण तक पहुंच आसान बनाने और अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर काम कर रही है।

सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि अभियान के दायरे