
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) शुक्रवार को भारतीय वायुसेना को LCA तेजस के फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) वाले ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान और HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपेगा। इसी अवसर पर HAL पवन हंस लिमिटेड (PHL) को ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर भी सौंपेगा।
इन विमानों और हेलीकॉप्टरों की औपचारिक हैंडओवर प्रक्रिया बेंगलुरु में आयोजित होगी। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू मौजूद रहेंगे। यह आयोजन भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमताओं और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान HAL और उसके औद्योगिक साझेदारों की देश में एक मजबूत एयरोस्पेस इकोसिस्टम तैयार करने में भूमिका भी सामने आएगी। इसके जरिए सैन्य के साथ-साथ नागरिक उपयोग के लिए उन्नत प्लेटफॉर्म को डिजाइन, विकसित और निर्मित करने की भारत की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, HAL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के. सहित रक्षा मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय वायुसेना, पवन हंस, नियामक एजेंसियों और एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सरकार ने एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी डिजाइन, विकास और विनिर्माण को प्राथमिकता दी है। HAL के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म को सेवा में शामिल किया जाना घरेलू तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक और कदम है।
HTT-40 की बात करें तो यह भारतीय वायुसेना के शुरुआती पायलट प्रशिक्षण की जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया गया बेसिक ट्रेनर विमान है। यह पूरी तरह एयरोबैटिक, दो सीटों वाला टर्बोप्रॉप ट्रेनर है, जिसे प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किया गया है।
विमान में एयर-कंडीशंड कॉकपिट, आधुनिक एवियोनिक्स, हॉट रिफ्यूलिंग सुविधा, तेज पायलट चेंजओवर और जीरो-जीरो इजेक्शन सीट जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसका डिजाइन कम गति पर बेहतर हैंडलिंग को ध्यान में रखकर किया गया है, जो शुरुआती पायलट प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
HTT-40 में ग्लास कॉकपिट के साथ स्वदेशी एवियोनिक्स लगाए गए हैं। इनमें रेडियो कम्युनिकेशन, स्टैंडबाय कम्युनिकेशन, VOR-ILS, TACAN, रेडियो अल्टीमीटर, आइडेंटिफिकेशन फ्रेंड ओर फो (IFF) और इंटीग्रेटेड स्टैंडबाय इंस्ट्रूमेंट सिस्टम (ISIS) शामिल हैं। विमान में Honeywell TPE331-12B टर्बोप्रॉप इंजन का इस्तेमाल किया गया है।
तेजस ट्विन-सीटर और HTT-40 की वायुसेना को आपूर्ति के साथ HAL के स्वदेशी प्रशिक्षण और लड़ाकू विमान कार्यक्रमों को भी गति मिलने की उम्मीद है। वहीं, ध्रुव NG हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति नागरिक उड्डयन क्षेत्र में देश में विकसित हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म के उपयोग को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।