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यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। हूती समूह ने दावा किया है कि सऊदी बलों ने राजधानी सना और पांच अन्य प्रांतों में 156 हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। समूह ने उत्तरी यमन के अल-जौफ प्रांत में सरकारी बलों के साथ ताजा झड़पों की भी जानकारी दी है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि सऊदी हमलों में सना के अलावा ताइज, सादा, अल-जौफ, मारिब और अमरान प्रांतों को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ हमलों में नागरिक ठिकाने भी प्रभावित हुए, हालांकि इसके समर्थन में उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
सरीया के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष में तेजी आने के बाद से हूती समूह ने अब तक सऊदी हवाई और मिसाइल हमलों की कुल 1,798 घटनाएं दर्ज की हैं। इन दावों पर सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हूती प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि अल-जौफ के पूर्वी हिस्से में सरकारी बलों ने हूती ठिकानों की ओर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन हूती लड़ाकों ने इसे नाकाम कर दिया। उनके अनुसार, हूती बलों ने अल-जौफ में सरकारी सैनिकों के जमावड़े को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि हमलों में दर्जनों सरकारी सैनिक मारे गए या घायल हुए और कई सैन्य वाहन नष्ट किए गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच, सऊदी नेतृत्व वाले यमन गठबंधन ने कहा कि उसने सना में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया है। गठबंधन के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सऊदी राजधानी रियाद पर हमले के लिए किया जाना था।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सना में यह लॉन्च प्लेटफॉर्म उस समय नष्ट किया गया, जब वहां सऊदी अरब के खिलाफ संभावित हमले की तैयारी की जा रही थी।
यमन में हालिया सीमा पार हमले ऐसे समय में तेज हुए हैं जब हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच कई इलाकों में लड़ाई बढ़ गई है। रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास का क्षेत्र भी संघर्ष के लिहाज से महत्वपूर्ण बना हुआ है। सऊदी बलों ने हवाई अभियान तेज किए हैं, जबकि हूतियों की ओर से सऊदी अरब के भीतर मिसाइल और ड्रोन हमलों में बढ़ोतरी की बात सामने आई है।
यमन का मौजूदा गृहयुद्ध 2014 के अंत में उस समय शुरू हुआ था, जब हूतियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। यह सरकार अब दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से काम करती है।
ताजा घटनाक्रम से यमन संघर्ष के फिर व्यापक क्षेत्रीय तनाव में बदलने की आशंका बढ़ गई है, खासकर ऐसे समय में जब मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ लाल सागर और बाब अल-मंदेब क्षेत्र की सुरक्षा भी अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है।