
भुरकुंडा (रामगढ़): अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर भुरकुंडा कोलियरी रोडसेल समिति ने बुधवार को संगम आउटसोर्सिंग माइंस में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और करीब पांच घंटे तक कोयला उत्पादन पूरी तरह ठप रखा। आंदोलन के दौरान समिति के सदस्यों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भुरकुंडा कोलियरी प्रबंधन और बीएलए कंपनी को मांग-पत्र सौंपा।
आंदोलन के बाद आगामी 16 मई को पीओ कार्यालय में सीसीएल प्रबंधन, बीएलए कंपनी और समिति के बीच त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने पर सहमति बनी है।
सुबह 10 बजे से ही समिति के लोग संगम आउटसोर्सिंग माइंस पहुंच गए और उत्पादन कार्य रोक दिया। बाद में भुरकुंडा कोलियरी के मैनेजर अजय कुमार सिंह, अविनाश चंद्रा और बीएलए कंपनी के मैनेजर सुरेंद्र कुमार को पांच सूत्री मांग-पत्र सौंपा गया।
समिति की प्रमुख मांगों में संगम खुली खदान से निकलने वाले 75 प्रतिशत कोयले को रोडसेल के लिए उपलब्ध कराना, पिछले 40-45 वर्षों से लोकल सेल में कार्यरत बेरोजगार मजदूरों और युवाओं के लिए लोकल सेल पुनः शुरू कर रोजगार देना शामिल है।
इसके अलावा समिति ने बीएलए आउटसोर्सिंग कंपनी में कुशल और अकुशल मजदूरों की बहाली समिति के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर करने, प्रभावित गांवों देवरिया, कुरसे, दुंदुआ और बलकुदरा के रैयतों, विस्थापितों और प्रभावित परिवारों को नौकरी व बकाया भुगतान देने तथा स्थानीय लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
आंदोलन स्थल पर समिति ने चेतावनी दी कि जब तक लोकल सेल के लिए कोयले का ऑफर जारी नहीं किया जाएगा, तब तक उत्पादन कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही बलकुदरा माइंस से कोयले का अन्य स्थानों पर भेजा जाना भी रोका जाएगा।
आंदोलन का नेतृत्व गिरधारी गोप, दर्शन गंझू, प्रदीप मांझी, रेवती रमन शर्मा, सरोज कांत झा, मुकेश पासवान, रविंद्र सिंह, नागेश्वर मुंडा, विकास सोरेन, रावेल एक्का, रॉबिन मुखर्जी, गोविंद करमाली, दिनेश बेदिया और राजन तुरी ने किया।
धरना-प्रदर्शन में प्रेम कुमार, शिवनारायण यादव, राजा यादव, अमरेंद्र प्रसाद, मनोज मांझी, मनोन मांझी, हरिशंकर चौधरी, अजय कुमार, बालेश्वर पासवान, राजदेव मुंडा, उमेश कुमार नायक, अशोक तिवारी सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए।