राजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित पुनर्विकास को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में पुनः समीक्षा बैठक आयोजितBy Admin Wed, 13 May 2026 08:18 PM

रामगढ़: राजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्यों को लेकर बुधवार को उपायुक्तरामगढ़ श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची द्वारा पारित आदेशों के आलोक में अब तक किए गए कार्यों एवं प्रस्तावित कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने राजरप्पा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल फ्लोर मैट लगाने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित एजेंसी द्वारा राजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्यों से संबंधित विस्तृत पीपीटी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। प्रेजेंटेशन के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रस्तावित आधारभूत संरचना विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन विकास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी गई।

उपायुक्त ने प्रेजेंटेशन के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी को निर्देश दिया कि सभी कार्यों की योजना व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि राजरप्पा मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में से एक है, ऐसे में इसके समग्र विकास हेतु सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय एवं समयबद्ध कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं पर्यावरणीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।