जेटेट 2026 में भाषा विवाद गहराया, अभ्यर्थियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनीBy Admin Thu, 14 May 2026 05:50 PM

रांची :- झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 भाषा  लेकर भाषा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जेटेट नियमावली में भोजपुरी, अंगिका और मगही भाषा को शामिल नहीं किए जाने पर अभ्यर्थियों और विभिन्न छात्र संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। छात्रों का कहना है कि झारखंड के कई जिलों में ये तीनों भाषाएं बड़े पैमाने पर बोली जाती हैं, ऐसे में इन्हें परीक्षा नियमावली से बाहर रखना हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।
विवाद को बढ़ता देख राज्य सरकार की ओर से मंत्रियों की एक कमेटी गठित की गई है। जानकारी के अनुसार 17 मई को इस मुद्दे पर अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्रों की मांगों और भाषा विवाद को लेकर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि बैठक में सरकार आगे की रणनीति और संभावित समाधान पर निर्णय ले सकती है।
इधर अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी शुरू कर दी है। छात्रों की ओर से तीनों भाषाओं को नियमावली से हटाने के विरोध में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भोजपुरी, अंगिका और मगही सिर्फ भाषाएं नहीं बल्कि लाखों लोगों की पहचान और संस्कृति से जुड़ी हुई हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा इन भाषाओं की अनदेखी किए जाने से ग्रामीण और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आने वाले अभ्यर्थियों को भारी नुकसान होगा। उनका कहना है कि झारखंड में वर्षों से इन भाषाओं का प्रचलन रहा है और बड़ी संख्या में छात्र इन्हीं भाषाओं के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट तक जाने का काम करेंगे और जरूरत पड़ी तो राज्यव्यापी उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। छात्रों ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो जेटेट 2026 परीक्षा को रद्द करवाने तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।