खांसी की सिरप से मौतें: चेन्नई में स्रेशन फार्मा से जुड़ी 7 जगहों पर ईडी की छापेमारीBy Admin Mon, 13 October 2025 04:43 AM









चेन्नई – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को चेन्नई में सात स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें स्रेशन फार्मास्युटिकल्स के मालिक एस. रंगनाथन का आवास और तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तर शामिल हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है।

यह छापेमारी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हुई खांसी की सिरप त्रासदी के बाद हुई है, जिसमें कंपनी की कोल्ड्रिफ सिरप पीने से कम से कम 22 बच्चों की मौत हो गई थी।

ईडी की जांच स्रेशन फार्मास्युटिकल्स के 75 वर्षीय मालिक जी. रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई। उन्हें 9 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे चेन्नई पुलिस की मदद से मध्य प्रदेश की विशेष जांच टीम (SIT) ने उनके कोडंबक्कम स्थित घर से गिरफ्तार किया था। वे हादसे के बाद से फरार थे और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए पकड़े गए।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कंपनी के कांचीपुरम स्थित विनिर्माण संयंत्र पर छापा मारकर महत्वपूर्ण उत्पादन रिकॉर्ड, दवाओं के नमूने और नियामक दस्तावेज जब्त किए।

जांच में खुलासा हुआ कि संयंत्र में 300 से अधिक सुरक्षा और नियामकीय उल्लंघन पाए गए। लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि खांसी की सिरप में 48.6 प्रतिशत डायथिलीन ग्लाइकोल (DEG) पाया गया — यह एक अत्यधिक विषैला औद्योगिक सॉल्वेंट है, जो किडनी फेल्योर का कारण बनता है।

अधिकारियों को संदेह है कि लागत घटाने के लिए जानबूझकर घटिया रसायनों का इस्तेमाल किया गया, जिससे दवा दूषित हुई।

यह चेन्नई की फार्मा कंपनियों पर ईडी की तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
सितंबर में ईडी ने अरविंद रेमेडीज लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर 637 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में छापे मारे थे। इससे पहले अप्रैल 2024 में जाफर सादिक मादक पदार्थ तस्करी व मनी लॉन्ड्रिंग केस में तमिलनाडु के 30 ठिकानों पर तलाशी हुई थी।

इस बार की छापेमारी का उद्देश्य स्रेशन फार्मा और राज्य औषधि नियंत्रण अधिकारियों के बीच संभावित वित्तीय अनियमितताओं, धन के दुरुपयोग और मिलीभगत का पता लगाना है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी यह भी जांच रही है कि क्या रंगनाथन के नेटवर्क के जरिए अवैध आय को शेल कंपनियों और बेनामी खातों के माध्यम से सफेद किया गया।

ईडी की जांच तेज होने के साथ ही अधिक गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि जांचकर्ता देश की हाल की सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल त्रासदियों में से एक की वित्तीय और प्रशासनिक चूक को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

 

With inputs from IANS

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