





गुजरात: गुजरात में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लागू करने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री Bhupendra Patel को सौंप दी है, जिसके बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
यह समिति सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश Ranjana Prakash Desai की अध्यक्षता में बनाई गई थी। समिति का उद्देश्य राज्य के लिए एक ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना था, जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो, चाहे उनका धर्म या समुदाय कोई भी हो।
रिपोर्ट सौंपने के दौरान समिति ने मुख्यमंत्री के सामने एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी। इसमें प्रस्तावित कानून के विभिन्न पहलुओं और उसके संभावित प्रभावों को समझाया गया। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों में एकरूपता लाने के सुझाव शामिल हैं। यानी अगर यह कानून लागू होता है, तो इन मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू होंगे।
अब राज्य सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही एक मसौदा विधेयक तैयार किया जाएगा, जिसे विधानसभा में पेश किया जा सकता है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि मौजूदा बजट सत्र के दौरान ही इसे पेश कर दिया जाए।
इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं, तो वहीं कुछ वर्ग इसके सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
सरकार का कहना है कि सभी पक्षों के सुझावों और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। आने वाले दिनों में UCC का मुद्दा गुजरात की राजनीति और समाज में एक बड़ी बहस का विषय बनने वाला है।




