जम्मू-कश्मीर में भारी तबाही: राजौरी-पुंछ में अचानक आई बाढ़ से 4 की मौत, 5 लापताBy Admin Sun, 19 July 2026 12:18 PM

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई अन्य लोग घायल हुए हैं और अनेक घरों व वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

सुरनकोट क्षेत्र में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और तेज बारिश के बाद तीन शव बरामद किए गए हैं। वहीं, पुंछ जिले के हवेली क्षेत्र में सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए। यहां एक व्यक्ति की मौत हुई है और एक अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

राजौरी शहर में बाढ़ का पानी निचले इलाकों में भर गया, जिससे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। कई वाहन तेज बहाव में बह गए, जबकि कई पानी में डूब गए।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजौरी और पुंछ की स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने बताया कि नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है और सभी विभाग राहत एवं मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दे रहे हैं।

उन्होंने राजौरी तथा पुंछ के हवेली और सुरनकोट क्षेत्रों में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और सभी आपातकालीन टीमों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी पुंछ और राजौरी में बिगड़ते हालात को देखते हुए दिल्ली से जम्मू पहुंच रहे हैं। इसके चलते दिल्ली में प्रस्तावित नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन का नेतृत्व अब डॉ. फारूक अब्दुल्ला करेंगे।

लगातार रातभर हुई बारिश के कारण राजौरी की नदियां और नाले उफान पर आ गए। दरहाली, खंडली, सुकतोह और जमोला नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया, जिससे कई निचले इलाके जलमग्न हो गए।

दरहाली नदी ने बेला कॉलोनी के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार तोड़ दी, जिसके बाद पानी नए बस अड्डे में घुस गया। यहां दर्जनों वाहन बह गए या पानी में डूब गए। बेला और आसपास के इलाकों में कई परिवार घरों में फंस गए तथा पशुधन के नुकसान की भी खबर है।

थन्नामंडी के चुरुंग, राजधानी और बेहरोट क्षेत्रों में भी अचानक आई बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ। बेहरोट स्थित एक क्रशर इकाई में काम कर रहे मजदूरों के फंसे होने की सूचना है।

वहीं, मंजाकोट तहसील के कोटली कलाबान और गोलिनारी क्षेत्रों में बादल फटने की घटना के बाद आई बाढ़ से स्थानीय कब्रिस्तान पूरी तरह बह गया। कई कब्रें नष्ट होने से स्थानीय लोगों में शोक और चिंता का माहौल है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश और अचानक बाढ़ की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की थी। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने तथा सतर्क रहने की अपील की है।

 

With inputs from IANS