जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एलओसी पर आतंकियों की घुसपैठ नाकाम, मुठभेड़ जारीBy Admin Wed, 30 July 2025 05:06 AM









जम्मू — सेना ने बुधवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर दो आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि देखी गई, जिसके बाद इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई है।

नागरोटा स्थित व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“पुंछ सेक्टर के सामान्य क्षेत्र में अपनी सेना ने बाड़ के पास दो व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधि देखी। दोनों ओर से गोलियां चलीं। अभियान जारी है।”

मिल रही जानकारी के अनुसार, घुसपैठ की यह कोशिश सेना ने विफल कर दी है और घुसपैठियों को ढेर करने का ऑपरेशन जारी है।

यह मुठभेड़ उस समय हो रही है जब महज दो दिन पहले ही 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीनों पाकिस्तानी आतंकियों को श्रीनगर जिले में 'ऑपरेशन महादेव' के तहत मारा गया था।

इनमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का कमांडर सुलेमान शाह, उसके साथी अबू हमज़ा और जिब्रान भाई शामिल थे। यह संयुक्त अभियान सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दछिगाम नेशनल पार्क के ऊंचाई वाले इलाके में चलाया गया था, जो श्रीनगर के हरवान क्षेत्र में महादेव पर्वत की तलहटी में स्थित है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में बताया कि यही तीन आतंकवादी पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय समेत 26 नागरिकों की मौत हुई थी।

गृहमंत्री ने कहा कि खुफिया निगरानी और चश्मदीद गवाहों ने पुष्टि की थी कि यही तीनों आतंकवादी इस हमले में शामिल थे। यह हमला पूरे देश में गहरा आक्रोश फैलाने वाला था और सुरक्षा बलों का पूरा ध्यान हमले के दोषियों को सज़ा दिलाने पर केंद्रित हो गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा बलों को खुली छूट दी थी और इसके तहत पाकिस्तान के भीतर 9 ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की गई। ये ठिकाने लाहौर के पास मुरिदके, पाकिस्तान के मुख्य भूभाग में बहावलपुर, और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के कोटली व मुजफ्फराबाद में थे।

जवाब में, पाकिस्तान ने पुंछ, राजौरी, बारामुला, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों में नागरिक ठिकानों पर भारी मोर्टार गोला-बारी की।

इस बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 11 सैन्य अड्डों को तबाह कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम (सीज़फायर) प्रस्ताव दिया गया जिसे भारत ने स्वीकार किया, हालांकि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने से इनकार कर दिया।

 

With inputs from IANS

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