मक्का की ओर ड्रोन हमले के सऊदी दावे को हूतियों ने बताया झूठा, किसी सैन्य कार्रवाई से किया इनकारBy IANS Fri, 30 October 2026 06:09 PM

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यमन के हूती विद्रोही समूह ने शुक्रवार को सऊदी अरब की ओर कोई हमला करने से इनकार किया। यह प्रतिक्रिया सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के उस दावे के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि मक्का क्षेत्र के ऊपर एक हूती ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया गया।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में सऊदी अरब के दावे को खारिज करते हुए इसे 'झूठा' बताया। उन्होंने कहा कि समूह ने शुक्रवार को सऊदी क्षेत्र की ओर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया।

इससे पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने एक्स पर जानकारी दी थी कि हूतियों की ओर से छोड़े गए एक ड्रोन को मक्का क्षेत्र में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है, जिसके आसपास हवाई सुरक्षा को लेकर विशेष प्रतिबंध लागू हैं।

हाल के सप्ताहों में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच सीमा पार सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है। सऊदी अरब की ओर से यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों में हमले किए जाने और जवाब में हूतियों की ओर से सऊदी क्षेत्र को निशाना बनाकर मिसाइल तथा ड्रोन दागे जाने की घटनाएं सामने आई हैं।

यमन वर्ष 2014 के अंत से गृहयुद्ध की स्थिति से गुजर रहा है। उस समय हूतियों ने राजधानी सना और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था।

इससे पहले सितंबर में भी हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने मक्का पर हमले की कोशिश करने के आरोपों को खारिज किया था। हूती संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक संबोधन में उन्होंने इन आरोपों को मनगढ़ंत और भ्रामक जानकारी करार दिया था। उनका कहना था कि इन आरोपों का इस्तेमाल यमन के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई के समर्थन में माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है।

अब्दुल-मलिक अल-हूती ने सऊदी अरब पर यह आरोप भी लगाया था कि अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण अवधि के दौरान उसने राजनीतिक समाधान की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं किए। उन्होंने हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर प्रतिबंधों को सख्त किए जाने और हवाई अड्डों के संचालन तथा आयात पर लगी पाबंदियों को प्रमुख अनसुलझे मुद्दों में शामिल बताया था।

सितंबर में हूतियों की ओर से इनकार किए जाने से एक दिन पहले सऊदी अरब ने मक्का की दिशा में ड्रोन भेजे जाने का आरोप लगाया था। गठबंधन के अनुसार, रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले मक्का के दक्षिण में ही रोककर नष्ट कर दिया था।

गठबंधन प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा को 'रेड लाइन' बताते हुए कहा था कि इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि मक्का को निशाना बनाने की यह दूसरी कोशिश थी। इससे पहले 27 जुलाई 2017 को हूतियों की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल हमले की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया था।

हालांकि, हूती नेतृत्व लगातार मक्का को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करता रहा है। ताजा घटनाक्रम ने यमन और सऊदी अरब के बीच जारी तनाव के साथ-साथ दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।