
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए गुमला जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा के सफल संचालन को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा ने संयुक्त रूप से प्री-एग्जामिनेशन ब्रीफिंग बैठक की। इसमें प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और परीक्षा केंद्रों के प्रभारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सदर अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित सभी जोनल, गश्ती और स्टैटिक दंडाधिकारी, केंद्राधीक्षक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्पष्ट किया कि इस बार JTET परीक्षा का आयोजन किसी बाहरी एजेंसी के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे जिला प्रशासन के नेतृत्व में किया जा रहा है। ऐसे में परीक्षा को व्यवस्थित और सफल बनाने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य सरकार की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा के समय को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले वीक्षकों को प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, केंद्रों में प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड के साथ मूल पहचान पत्र की भी बारीकी से जांच होगी। किसी परीक्षार्थी की तस्वीर या हस्ताक्षर में अंतर मिलने पर पहचान पत्र से उसका मिलान किया जाएगा।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए सुविधाजनक बैठने की व्यवस्था, कक्षों में उचित प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता पर भी नजर रखी जाएगी। किसी भी तरह की समस्या या बाधा आने पर तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना देने का निर्देश दिया गया।
वहीं, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा ने परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा इंतजामों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। साथ ही परीक्षार्थियों और आम लोगों की आवाजाही को आसान बनाए रखने के लिए यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति न बने।
परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों और अफवाहों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। इसके लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को सक्रिय किया गया है। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध सूचना की जानकारी देने के लिए अभ्यर्थी और आम नागरिक हेल्पलाइन नंबर 112 या जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं।
बैठक के अंत में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और पूरी निष्ठा से पालन करने का निर्देश दिया, ताकि JTET-2026 का आयोजन शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में कराया जा सके।

