दीपिका पांडेय सिंह ने की DISHA समिति की बैठक, विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देशBy Mid Time Bureau Fri, 30 October 2026 07:15 PM

झारखंड में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने को लेकर राज्य सरकार ने समीक्षा की। रांची के प्रोजेक्ट भवन स्थित एनेक्सी में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय DISHA समिति की बैठक हुई। इसमें अलग-अलग विभागों की योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और उनके क्रियान्वयन में आ रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधूरी और लंबित योजनाओं को चिह्नित कर तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही स्वीकृत बजट का बेहतर इस्तेमाल हो और तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनों को जल्द दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की समीक्षा सिर्फ खर्च और काम की प्रगति के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।

मंत्री ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कई बार योजनाओं का काम पूरा होने के बावजूद राशि का भुगतान लंबित रह जाता है। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि विकास योजनाओं को केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम जनता की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बनाया जाना चाहिए।

बैठक में ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा हुई। संबंधित विभागों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए अपनी योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना यानी PMAY, विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी VB-GRAMG, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना समेत कई केंद्रीय योजनाएं शामिल रहीं। इन योजनाओं के भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन का आकलन कर निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।

समीक्षा के दौरान समिति के गैर-सरकारी सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर पर लोगों को हो रही परेशानियों, तकनीकी दिक्कतों और क्षेत्रीय समस्याओं को भी सामने रखा। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इन सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को सीधे क्षेत्र में जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया गया।

मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और योजनाएं पारदर्शिता के साथ पूरी हों। इसके अलावा उन्होंने संबंधित विभागों को नई योजनाओं की स्वीकृति के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार व आजीविका के अवसरों का विस्तार करना है।

इस बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा, देवघर विधायक सुरेश पासवान, धनबाद विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जमुआ विधायक मंजू कुमारी, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि, समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।