पटाखों पर दिवाली को निशाना बनाने वालों पर भड़कीं पवित्रा पुनिया, बोलीं- कुत्ते हर तेज आवाज से डरते हैंBy IANS Wed, 04 November 2026 03:33 PM

मुंबई। दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर हर साल होने वाली बहस के बीच अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने उन लोगों पर निशाना साधा है, जो त्योहार के दौरान आतिशबाजी की आलोचना करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शादियों और अन्य समारोहों में भी तेज आवाज वाले पटाखे और आतिशबाजी होती है, तब विरोध के स्वर उतने मुखर क्यों नहीं होते?

पवित्रा ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखी। खुद को पशु प्रेमी बताते हुए उन्होंने कहा कि कुत्ते और दूसरे पालतू जानवर केवल पटाखों की आवाज से ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक के हॉर्न और अचानक होने वाली अन्य तेज आवाजों से भी डरते हैं। उनके अपने पालतू कुत्ते भी ऐसी आवाजों से घबरा जाते हैं।

अभिनेत्री ने कहा, "मैं पालतू जानवरों से प्यार करती हूं। मेरे कुत्ते भी ट्रैफिक की आवाज, बाहर बजने वाले हॉर्न और किसी चीज के अचानक गिरने से उतना ही डरते हैं। जानवरों की परेशानी सिर्फ पटाखे नहीं हैं। वे हर तेज और भारी आवाज से डरते हैं।"

हालांकि, पवित्रा ने उन लोगों की भी आलोचना की, जो जानबूझकर त्योहारों के दौरान जानवरों को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी पशु को जानबूझकर डराना या प्रताड़ित करना गलत है और ऐसा करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

दिवाली पर पटाखों के विरोध को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने शादी और सालगिरह जैसे आयोजनों का उदाहरण दिया। पवित्रा ने कहा कि जब लोग शादियों में आतिशबाजी करते हैं, तब कोई उनसे त्योहार या खुशी का जश्न नहीं मनाने को नहीं कहता। लेकिन दिवाली आते ही पटाखों को लेकर उपदेश दिए जाने लगते हैं।

उन्होंने कहा कि अपने त्योहारों को लेकर लोगों को पक्षपाती रवैया नहीं अपनाना चाहिए। त्योहार साल में कुछ ही दिन आते हैं और इन्हें खुशी के साथ मनाया जाना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि हमारी वजह से किसी जानवर या पक्षी को नुकसान न पहुंचे।

पवित्रा ने कहा, "दूसरों के मामले में अलग और अपने मामलों में अलग नजरिया नहीं रखना चाहिए। त्योहारों को अच्छे से मनाइए, लेकिन अपनी सीमाओं का ध्यान रखिए। हमारी वजह से किसी जानवर को परेशानी नहीं होनी चाहिए। हैप्पी दिवाली!"

वीडियो में अभिनेत्री ने दिवाली के दौरान होने वाली घरों की विशेष साफ-सफाई पर भी मजाकिया अंदाज में सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर घर की सफाई का ठेका सिर्फ दिवाली के समय ही क्यों निकलता है? पूरे साल घर साफ रखने के बजाय लोग त्योहार से ठीक पहले एक साथ इतनी सफाई क्यों करते हैं?

उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि क्या रामायण में कहीं लिखा है कि घर की सफाई सिर्फ दिवाली पर ही करनी चाहिए? यह सवाल उन्होंने खास तौर पर घर की महिलाओं से किया। उनका कहना था कि घर को पूरे साल साफ-सुथरा रखने की आदत डालनी चाहिए, ताकि दिवाली की सफाई किसी बड़ी और थकाऊ कवायद में न बदल जाए।