विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति ने स्पीकर को सौंपा प्रतिवेदन, की 4 अनुशंसाएंBy Admin Wed, 12 August 2026 07:02 PM

RANCHI : झारखण्ड विधान सभा की सरकारी आश्वासन समिति के सभापति अरूप चटर्जी  एवं आश्वासन समिति के कुमार उज्ज्वल तथा ममता देवी ने आज स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो से भेंट कर समिति के 50वें, 51वें एवं 52वें प्रतिवेदनों की प्रतियां पेश कीं। इस अवसर पर उदय शंकर सिंह भी उपस्थित रहे।
समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन विभागों के मंत्री द्वारा सदन में दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन की समीक्षा पर आधारित है। इसमें वर्ष 2010 से अब तक लंबित सरकारी आश्वासनों की स्थिति तथा उनके निष्पादन के लिए आयोजित विभागीय एवं समीक्षात्मक बैठकों की जानकारी दी गई है । समिति द्वारा अपने रिपोर्ट में आश्वासनों पर ली गई कार्रवाई अतिरिक्त अपने प्रतिवेदन में कुल 4 अनुशंसाएं भी की हैं। 
समिति ने अपनी अनुशंसाओं में कहा है कि विभागीय अधिकारी लम्बित आश्वासनों के क्रियान्वयन में रुचि लें तथा सरकार इस आशय की सूचना भी उन्हें प्रदान करे।  लम्बित आश्वासनों के क्रियान्वित होने से लोकहित के विषय स्वतः अंगीकृत हो जाते हैं, इसलिए सरकार इस पर विशेष ध्यान दे। 
समिति ने यह भी अनुशंसा की है कि सरकारी आश्वासन समिति की विभिन्न बैठकों में विभागीय अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का राज्यहित में अक्षरशः पालन करना सुनिश्चित किया जाए । लम्बित आश्वासनों के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के लिए अलग से एक इमरजेंसी सेल का भी गठन किया जाए।
सरकारी आश्वासन समिति द्वारा शिक्षा विभाग से जुड़े कई लंबित मामलों की प्रगति की जानकारी दी गई। झरिया के जामाडोबा स्थित उर्दू मध्य विद्यालय में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को नियमित पानी मिल रहा है। 
प्राथमिक शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कई शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। 
इसके अलावा, जामताड़ा जिला स्थित वेटरनरी कॉलेज से संबंधित लंबित मामले में भी आवश्यक कार्रवाई पूरी कर दी गई है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि झारखण्ड सरकार द्वारा सदन में दिए गए आश्वासनों को पूरा करने तथा जनहित के मामलों के समाधान के लिए लगातार गंभीरता से काम कर रही है।
प्रतिवेदन के अनुसार समिति ने अब तक कुल 14 बैठकें आयोजित की हैं, जिनमें 08 विभागीय तथा 06 समीक्षात्मक बैठकें शामिल हैं। 
इन बैठकों में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई। उनके शीघ्र निष्पादन पर बल दिया गया।
 सभापति अरूप चटर्जी ने कहा कि सरकारी आश्वासन समिति, के समक्ष आश्वासनों की लंबी सूची थी परंतु पदाधिकारियों के सहयोग से अधिकांश आश्वासनों का क्रियान्वयन करने की सतत् प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आश्वासनों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुशासन एवं जनविश्वास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।