दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व की तैयारियों की उपायुक्त ने की समीक्षाBy Mid Time Bureau Fri, 23 October 2026 05:10 PM

सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और विधि-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रांची, 23 अक्टूबर। आगामी दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और विसर्जन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी, यातायात पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, नजारत उपसमाहर्ता डॉ. सुदेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पाण्डेय सहित बिजली विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि छठ महापर्व आस्था और श्रद्धा का पर्व है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी व्यवस्थाओं का पूर्व निरीक्षण करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।

नगर निगम को सभी संबंधित तालाबों और छठ घाटों पर साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित पहुंच मार्ग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जरूरत के अनुसार क्रेन की व्यवस्था करने के साथ घाटों पर एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए।

तालाबों एवं घाटों में बांस की बैरिकेडिंग कर सुरक्षित गहराई तक ही अर्घ्य देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। छठ के दौरान घाटों पर तैराकी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा, पर्व से पहले घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और सफाई कराने का निर्देश दिया गया।

दीपावली और काली पूजा को लेकर सतर्कता

दीपावली और काली पूजा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, प्रतिबंधित एवं असुरक्षित पटाखों की बिक्री और उपयोग पर निगरानी रखने तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए। रात 10 बजे के बाद ध्वनि प्रदूषण रोकने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

पूजा समितियों को अधिक से अधिक युवाओं को व्यवस्था से जोड़ने तथा व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, विद्युत सुरक्षा में लापरवाही, असुरक्षित पंडाल निर्माण या विसर्जन नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और पूजा समितियों से आपसी समन्वय के साथ त्योहारों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की।